अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

इलाज के अभाव में हुई थी पूर्व विधायक की मौत

बछरावाँ क्षेत्र से चार बार विधायक रहे शिवदर्शन पासी की पत्नी फूलमती को मलाल है कि पति की ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का उचित प्रतिफल उनके परिवार को नहीं मिला। उन्होंने यह बताने में संकोच नहीं किया कि कभी-कभी मजबूरी में उन्हें खुद दूसरे के खेतों में मजदूरी करनी पड़ती है। उनके मँझले बेटे ने बताया कि पिता की मौत इलाज के अभाव में हुई थी। पूर्व विधायक का बड़ा बेटा गुरुशरण सिंह लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग के किनारे कस्बे में अनुसूचित जाति के लोगों के लिए बनाई गई एक छोटी सी दुकान में मशीन रखकर गाड़ियों की धुलाई करके चार बेटों वाले परिवार की गाड़ी खींचता है। आते-जाते कभी इस विधायक पुत्र को यह काम करते आप खुद भी देख सकते हैं। उसे काम से कोई परहेज भी नहीं। वह कहते हैं, यही एक साधन है। अगर गलती से अतीत में झाँक लिया तो कहीं के नहीं रह जाएँगे। आखिर इन्हीं स्थितियों में परिवार को आगे बढ़ाना है।ड्ढr स्व. शिवदर्शन का मँझला बेटा साहब शरण पासवान पिता द्वारा ही गाँव में स्थापित ‘श्रीमती इंदिरा गांधी हरिजन विद्यापीठ’ चलाता है। वैसे तो आजकल स्कूल ने व्यवसाय का रूप ले लिया है लेकिन वषरे पहले खुले इस विद्यालय को चलाना ‘घर का धान पयार में लगाने’ के बराबर है। साहब शरण कहते हैं, ‘आमदनी तो दूर, कभी-कभी तो घर का गल्ला बेचकर शिक्षकों को तनख्वाह देनी पड़ती है। पिता के इस संकल्प को हम कैसे मरने दें?’ साहब शरण रुँधे गले से बताते हैं, ‘मेरी छह वर्ष की पुत्री को दिल की बीमारी ने घेर लिया। इलाज के अभाव में हम उसे नहीं बचा पाए।’ गरीबी ने उसका यहीं पीछा नहीं छोड़ा। उनके छह माह के बेटे की भी मृत्यु गंभीर बीमारी की वजह से हो गई। साहब शरण ने कहा कि इलाज के ही अभाव में पिता शिवदर्शन को भी हम नहीं बचा पाए। शिवदर्शन की मृत्यु वर्ष नौ अक्तूबर 2001 को हुई थी। गरीबी के चलते ही पूर्व विधायक का परिवार गाँव में जर्जर हो चले मकान में रहने को मजबूर है। अभी पढ़ाई कर रहे सबसे छोटे बेटे राजशरण के चेहरे पर मकान के जर्जर होने का दुख कई बार उभरा। उसने कहा कि इस बरसात में कोई दूसरी व्यवस्था करनी पड़ेगी, क्योंकि इस मकान में कभी भी कोई हादसा हो सकता है। गरीबी से लड़ते पूर्व विधायक के इस परिवार को कांग्रेस ने राजनीतिक तौर पर इज्जत बख्श रखी है। पूर्व विधायक की पत्नी श्रीमती फूलमती कांग्रेस के टिकट पर चुनी गई जिला पंचायत सदस्य हैं और बड़ा बेटा गुरुशरण प्रदेश कांग्रेस कमेटी का सदस्य। मँझला पुत्र साहब शरण पासवान जिला युवक कांग्रेस का उपाध्यक्ष है लेकिन जीने के लिए यह राजनीतिक वजूद ही काफी नहीं है। वैसे यह परिवार कैप्टन सतीश शर्मा का आभार व्यक्त करना नहीं भूलता। इनका कहना है कि उन्होंने बुरे वक्त में हमारा काफी ध्यान रखा।ड्ढr स्व. शिवदर्शन पहली बार कांग्रेस के टिकट पर बछरावाँ सुरक्षित क्षेत्र से 10 में विधायक चुने गए थे। 13 वर्षो तक लगातार विधायक रहे स्व. शिवदर्शन अत्यंत मृदुभाषी थे। इसके लिए क्षेत्र के लोग आज भी उन्हें याद करते हैं।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: इलाज के अभाव में हुई थी पूर्व विधायक की मौत