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विधानसभा में धरने पर बैठे बलमुच

विधानसभा में मंगलवार को सरकार और सहयोगी दलों के लिए उस समय असहज स्थिति पैदा हो गयी, जब कांग्रेस विधायक सह प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बलमुचू धरना पर बैठ गये। कार्यवाही शुरू होने से ठीक पहले विस परिसर में बलमुचू के धरना पर बैठते ही विपक्ष ने मुद्दे को लपक लिया। उन्होंने नारेबाजी की और सदन में भी सरकार पर निशाना साधा। बलमुचू ‘झूठा आश्वासन देना बंद करो’ और ‘जेसी बोस उच्च विद्यालय घाटशिला प्रबंध कमेटी को मान्यता दो’ की तख्ती लेकर धरना पर बैठे थे।ड्ढr विपक्ष ने इस मामले में सरकार को घेरा, तो सत्ता पक्ष ने कहा : राजनीति मत करिये। आसन के नियमन पर संसदीय कार्य मंत्री स्टीफन मरांडी, मंत्री बंधु तिर्की, चंद्रप्रकाश चौधरी, विधायक गिरिनाथ सिंह ने बलमुचू को धरना से उठाया और सदन में लेकर आये। सदन में प्रदीप यादव ने कहा कि इस राज्य के लिए इससे ज्यादा शर्म की बात क्या होगी, जब सत्ता पक्ष का एक विधायक ‘झूठा आश्वासन देना बंद करो’ की मांग पर धरना पर बैठा है। सरयू राय, छत्रु राम महतो ने कहा कि आश्वासनों की हकीकत की कलई खुल गयी है। किशोर ने चुटकी ली: सदन में सरकार का गुणगान करते हैं और बाहर में धरना पर बैठ जाते हैं। नियेल जी को अनशन से उठाने तो माकन आये थे। गिरिनाथ सिंह ने कहा कि इस मामले में राजनीति नहीं हो। विपक्षी सदस्यों को जैसे ही सूचना मिली कि बलमुचू धरना पर बैठे हैं, किशोर, सीपी सिंह, प्रदीप यादव, रघुवर दास वहां पहुंच गये। चुटकी के साथ नारेबाजी करने लगे: बलमुचू संघर्ष करें, हम आपके साथ हैं। आते- जाते सत्ता पक्ष के सदस्य और सरकार के मंत्री असहज महसूस कर रहे थे। धरना पर बैठने के सवाल पर कांग्रेसी नेता ने कहा कि आश्वासनों के प्रति सरकार गंभीर नहीं है। ूसीपी और सरयू ने उठाया कर्मचारियों का मामलाड्ढr विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही भाजपा विधायक सीपी सिंह और सरयू राय ने सरकारी कर्मचारियों के आंदोलन का मामला उठाया। राय ने कहा कि कोई कर्मचारी दफ्तर नहीं जा रहे हैं। सरकारी दफ्तरों में कामकाज ठप है। सीपी सिंह ने कहा कि मार्च का महीना है। वित्तीय वर्ष के खत्म होने में 20 ही दिन बचे हैं। कामकाज नहीं होने से विकास पर असर पड़ेगा। सरकार इस मामले को गंभीरता से देखे।ड्ढr तुरिया मुंडा का मामला उठायाड्ढr माले विधायक विनोद सिंह ने तुरिया मुंडा के आत्महत्या के मामले को फिर से उठाया। सदस्य ने नरेगा आयुक्त की रिपोर्ट दिखाते हुए बताया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके बाद सदस्य वेल के सामने पहुंच गये। उन्होंने अध्यक्ष को आयुक्त के जांच रिपोर्ट की प्रति दी। स्टीफन मरांडी ने कहा कि ऐसे में सदन कैसे चलेगा। बात- बात पर विरोध पर उतर जाते हैं।ड्ढr सदन के पटल पर रिपोर्ट रखीड्ढr विधानसभा की आदिम जनजाति विकास समिति के सभापति कड़िया मुंडा ने सदन के पटल पर रिपोर्ट रखी। इसमें कमेटी ने सरकार से कई अनुशंसाएं की है।

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