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अधिकारों से लैस होंगे वरिष्ठतम शिक्षक

बिना प्रधानाध्यापक वाले स्कूलों में भी अब धन खर्च करने की समस्या नहीं रहेगी। जिन स्कूलों में ये पद रिक्त हैं वहां के वरिष्ठतम शिक्षक प्रभारी प्रधानाचार्य के रूप में प्रशासनिक और जरूरी वित्तीय अधिकारों से लैस किए जाएंगे। मंगलवार को विधानसभा में राजद के जगत नारायण सिंह के सवाल पर सरकार की तरफ से जवाब देते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री वृषिण पटेल ने कहा कि प्रभारी प्रधानाध्यापकों को सिर्फ ड्रॉइंग-डिस्बर्सिग का अधिकार नहीं रहेगा। इसके अलावा छात्र कोष और विद्यालय विकास कोष के अन्य वित्तीय कार्यों का वे बखूबी संचालित कर सकेंगे।ड्ढr ड्ढr इसी मुद्दे पर राजद के जगदानन्द के एक पूरक सवाल के जवाब में श्री पटेल ने कहा कि सरकार प्रयास करेगी कि प्रभारी प्रधानाचार्यो द्वारा खर्च की गई राशि की घटनोत्तर स्वीकृति में विलम्ब न हो। श्री सिंह ने मधुबनी जिले के लखनौर प्रखंड के रमौली स्थित एक स्कूल का हवाला देते हुए कहा था कि पांच साल से प्रधानाध्यापक का पद रिक्त रहने से वहां वित्तीय कार्यो के संचालन में कठिनाई हो रही है। इसके साथ ही सरकार ने पश्चिम चम्पारण के मधुबनी प्रखंड के मधुआ आंगनबाड़ी केन्द्र की सेविका और सीडीपीओ पर इस केन्द्र को कागज पर ही चलाए जाने संबंधी मुखिया के आरोपों की जांच कराने और रिपोर्ट को चलते सत्र में ही सदन में पेश करने का आश्वासन दिया। राजद के राजेश सिंह के सवाल के जवाब में सदन उस वक्त गरमा गया जब इस मामले में मुखिया के खिलाफ ही रंगदारी मांगने का मामला दर्ज कराए जाने की बात सामने आई।ड्ढr ड्ढr श्री सिंह ने प्रशासन पर अफसरों को बचाने का आरोप लगाया। भाजपा के भोला सिंह के सवाल पर कि एसपी-डीएसपी की जांच में मुखिया के आरोप को सही पाए जाने पर भी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है, सरकार बचाव की मुद्रा मंे दिखी। विधानसभाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने इसे गंभीर विषय बताते हुए विभागीय मंत्री से अपने स्तर से इसकी जांच कराकर चालू सत्र में ही सरकार के जवाब से सदन को अवगत कराने का निर्देश दिया।ं

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