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शिक्षा ऋण के लिए बनेगी संस्था : नीतीश

अब सूबे के छात्रों को लोन लेने के लिए बैंकों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। नीतीश सरकार ने छात्रों को बैंकों के लफड़े से मुक्ित दिलाने की कार्ययोजना बना ली है। बस थोड़े से इन्तजार की जरूरत है जब सूबे के छात्रों को लोन लेने के लिए लिए बैंकों पर ही आश्रित नहीं रहना पड़ेगा। छात्र अब पैसे की कमी के कारण उच्चतर शिक्षा से वंचित नहीं होंगे। राज्य सरकार ने प्रतिभाशाली छात्रों के भविष्य को संवारने के लिए एक ऐसी संस्था बनाने का निर्णय किया है जो छात्रों को सिंगल विण्डो सिस्टम के तहत आसानी से लोन मुहैया करायेगी।ड्ढr ड्ढr बार-बार बैंकों को अल्टीमेटम देने के बाद भी छात्रों को लोन देने के मामले पर बैंकों के रवैये में सुधार नहीं होने के कारण राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है। विधानसभा स्थित अपने कक्ष में मंगलवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा लोन के लिए राज्य सरकार अलग से उपाय कर रही है। इसके लिए गंभीर कार्रवाई जारी है जिसका खुलासा शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिर्फ शिक्षा ऋण ही नहीं बल्कि किसानों को लोन देने के मामले में भी बैंकों के रवैये में सुधार नहीं आया है। बैंकों में जमा के मामले में राज्य आगे हैं पर ऋण देने की स्थिति में बैंकों की कार्यसंस्कृति सबसे खराब है। केन्द्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम, रिजर्व बैंक के वरीय अधिकारियों, मेरे खुद और उपमुख्यमंत्री की कई कोशिशों के बाद भी इसमें मामूली सुधार ही आ पाया है। केन्द्र सरकार बैंकिंग व्यवस्था को सुदृढ़ कर दे तो अपने आप कई समस्याओं का समाधान हो जाएगा।ड्ढr ड्ढr मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान कर्ज माफी से बिहार के किसानों का भला नहीं होने वाला है। बैंक सूबे के किसानों को ऋण देते ही नहीं हैं। कर्ज माफी की जगह ऋण दर में कमी हो जाए तो किसानों का ज्यादा भला होगा। किसान कर्ज माफी को नाकाफी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि कांग्रेस ने किसानों की नहीं बल्कि अपनी समस्या के समाधान के लिए यह कदम उठाया है। देश में अभी सबसे बड़ी समस्या महंगाई ही है जिससे आम आदमी रोजाना दो-चार हो रहा है। कांग्रेस के रहते महंगाई से राहत नहीं मिलने वाली है। कांग्रेस की गलत नीति के कारण ही देश में अभी कृषि क्षेत्र में संकट व्याप्त है। केन्द्र की एनडीए सरकार के समय सरप्लस अनाज की समस्या थी और 50 लाख टन अनाज रखने को जगह नहीं थी। उन्होंने कहा कि सूदखोरों से निजात दिलाने की योजना फिलहाल सरकार के पास नहीं है। बैंकिंग व्यवस्था को सुदृढ़ कर ही समाधान पाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने कहा कि खगड़िया, नवगछिया इलाके में गुण्डा बैंकों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। भविष्य में शिकायत मिलने पर ऐसे तत्वों पर और कड़ी कार्रवाई होगी।

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