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वायरस ने निकाली पोलियो उन्मूलन दावों की हवा

पोलियो उन्मूलन के दावे को इसके वायरस ने हवा निकाल दिया है। राज्य के कुल 38 जिलों में से 25 जिले वायरस की चपेट में हैं। पोलियो वायरस से विकलांगों बच्चों की संख्या फरवरी तक ही 8पर पहुंच चुकी थी। मार्च में 8 नया मामल इस आंकड़े में जुट गया। अभी पूरा वर्ष शेष है। पोलियो उन्मूलन में जुटे अधिकारी यह दावा कर रहे थे कि नये वर्ष में वायरस को नियंत्रित कर लिया जाएगा।ड्ढr ड्ढr इधर वाइल्ड पोलियो वायरस के फैलाव से संके त मिलता है कि इस वर्ष भी मरीजों की संख्या में कमी आने की उम्मीद कम दिखती है। पिछले वर्ष जनवरी-फरवरी माह के दौरान सिर्फ 11 बच्चे पोलियो के शिकार हुए थे। इस वर्ष यह आंकड़ा आठ गुणा अधिक है। विशेषज्ञों के आकलन को गच्चे में डालते हुए पोलियो के सर्वाधिक नये मरीज समस्तीपुर जिले में पाये गये हैं। विशेषज्ञों को उम्मीद थी कि पोलियो से सर्वाधिक खतरा खगड़िया, पूर्णिया,अररिया जिले को है। वे अब इस बात को लेकर राहत की सांस ले रहे हैं अभी तक राज्य में पी-1 वायरस नहीं पाया गया है। जो भी नये मामले आए हैं वे सभी पी-3 वायरस के हैं।ड्ढr ड्ढr वायरस पी-1 हो या पी-3 का, अंतत: उसके शिकार तो राज्य के बच्चे ही होते हैं। पोलियो ने 25 जिलों में अपना जाल फैला लिया है। इसमें सर्वाधिक 15 नये मामले समस्तीपुर जिले में पाए गये हैं। दरभंगा जिला में 10, मुजफ्फरपुर मं 7, मधुबनी में 7, सहरसा में 6, वैशाली-पूर्णिया-खगड़िया में क्रमश:5-5, नालंदा में 4, सीतामढ़ी-पूर्वी चम्पारण-बेगूसराय में क्रमश: 3-3, पटना-नवादा-मधेपुरा में क्रमश:दो-दो और सुपौल-सारण-मुंगेर-लखीसराय-कटिहार-जमुई-पश्चिम चम्पारण- भागलपुर-औरंगाबाद और अररिया जिले में क्रमश: एक-एक नये पोलियों पीड़ित बच्चे पाए गये हैं। विशेषज्ञों का कहना है एक बच्चे में वायरस पाये जाने पर उसके आस पास के लाखों बच्चों में वायरस फैलने की आशंका रहती है। सूबे में 25 जिलों में फैले वायरस से स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। कौन सुरक्षित है? उधर पोलियो अभियान में जुटे अधिकारियों का मानना है कि 30 मार्च से एमओपीवी-3 राउण्ड आरम्भ होने पर इसकी संख्या में तेजी से गिरावट आएगी।

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