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वेणुगोपाल की याचिका पर फैसला सुरक्षित

उच्चतम न्यायालय ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक की सेवानिवृत्ति आयु निर्धारित करने वाले एम्स संशोधन विधेयक-2007 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर बुधवार को फै सला सुरक्षित रख लिया।ड्ढr यह याचिका एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. पी वेणुगोपाल ने दाखिल की है। इस विधेयक में 65 वर्ष की आयु पूरी होने अथवा पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर निदेशक को सेवानिवृत्त करने का प्रावधान है। न्यायमूर्ति तरुण चटर्जी और न्यायमूर्ति एचएस बेदी की पीठ ने बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखा। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अरुण जेटली ने कहा कि यह संशोधन विधेयक डॉ. वेणुगोपाल को लक्ष्य करते हुए उनके साथ भेदभाव करने का स्पष्ट मामला है। उन्होंने कहा कि प्रसिद्ध ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. वेणुगोपाल को एम्स के निदेशक पद से हटाने का इस संशोधन विधेयक का मुख्य उद्देश्य है। याचिका में कहा गया है कि यदि यह संशोधन विधेयक रद्द नहीं किया गया तो डॉ. वेणुगोपाल अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएंगे। डॉ. वेणुगोपाल को निदेशक पद से हटा दिया गया था क्योंकि उनकी आयु पहले ही 66 वर्ष की हो चुकी है। डॉ. टीडी डोगरा को उच्चतम न्यायालय के आदेश पर एम्स का कार्यवाहक निदेशक नियुक्त किया गया है। न्यायालय ने इस याचिका का निपटारा होने तक नई नियुक्ित न करने का निर्देश दिया हुआ है।

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