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खण्डहर में तब्दील हो चुका है राजा जय सिंह का तिलिस्मी किला

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में स्थित राजा जय सिंह का तिलिस्मी किला पुरातत्व विभाग की उपेक्षा के चलते खण्डहर में तब्दील हो चुका है। यमुना किनारे स्थित यह किला 1600 ई.में राजा जय सिंह द्वारा बनवाया गया था। स्थानीय नागरिकों के अनुसार पहले इस खण्डहर को बारादरी के नाम से जाना जाता था। इसकी खासियत यह थी कि इसमें बारह दरवाजे थे लेकिन कोई भी व्यक्ित इनकी ठीक से गिनती नहीं कर पाता था। समय बदलने के साथ इसके एक हिस्से में हनुमान जी की मूर्ति रखकर इसे मंदिर का रुप दे दिया गया। गौरतलब है कि तिलिस्म का सम्बन्ध पुरातन काल के विज्ञान से है। तिलिस्म को जादू से जोड़ा जाता है लेकिन वास्तव में यह एक तकनीक मात्र है जिसका प्रयोग बीती शताब्दियों में राजा महाराजा किया करते थे। तिलिस्म का प्रयोग उन स्थानों पर किया जाता था जहां खजाना एवं गोपनीयदस्तावेज छुपाकर रखे जाते थे।इसकी चाबी इस प्रकार से तैयार की जाती थी कि यदि अनजान व्यक्ित इन तिलिस्मी इमारतों में एक बार घुस जाए तो उसका निकल पाना नामुमकिन हो जाता था। इन तिलिस्मी इमारतों में अनधिकृत रुप से प्रवेश करने वालों की मौत तक हो सकती थी।

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