DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मंदी के भय से रही अंौद्योगिक उत्पादन की रफ्तार धीमी

उपभोक्ता टिकाऊ, पूंजीगत वस्तुआें और बिजली क्षेत्र के निराशाजनक प्रदर्शन के चलते इस वर्ष जनवरी में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की रफ्तार बहुत धीमी पड़ गई। आंकड़ों के मुताबिक, आईआईपी की वृद्धि रफ्तार पिछले साल की इसी अवधि के 11.6 प्रतिशत की तुलना में आधे से भी कम मात्र 5.3 प्रतिशत रही। आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष के पहले दस माह अप्रैल 07 से जनवरी 08 के बीच औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 8.7 प्रतिशत रही। विश्लेषकों का कहना है कि उपभोक्ता मांग में कमी, निर्यात में सामान्य बढ़ोत्तरी और निवेश मांग के घटने से पिछले कुछ महीनों से मंदी का रुख साफ झलक रहा है। जनवरी 08 के दौरान सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र पूंजीगत वस्तुआें का रहा। इसकी रफ्तार पिछले साल के इसी माह के 16.3 प्रतिशत की तुलना में घटकर मात्र 2.1 प्रतिशत रह गई। उपभोक्ता टिकाऊ वर्ग में 3.1 प्रतिशत की गिरावट देखी गई जबकि पिछले साल यह 5.3 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ा था। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में शामिल छह वगर्ों में केवल उपभोक्ता गैर टिकाऊ अपनी रफ्तार को बनाए रखने में सफल रहा। इसकी गति पिछले साल के प्रतिशत के मुकाबले 10.1 प्रतिशत थी। उपभोक्ता वस्तुआें के क्षेत्र के सूचकांक में पहले के 8.2 प्रतिशत की तुलना में सात प्रतिशत की वृद्धि हुई। खनन क्षेत्र जो जनवरी 2007 में 7.7 प्रतिशत की रफ्तार से दौड़ रहा था, इस वर्ष मात्र 1.8 प्रतिशत की वृद्धि हासिल कर सका।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: मंदी के भय से अंौद्योगिक उत्पादन की रफ्तार धीमी