अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हवाई अड्डा कर्मियों की हड़ताल से उड़ान बेअसर

मंगलवार की रात से जारी हवाई अड्डा कर्मचारियों के देशव्यापी असहयोग आंदोलन का हवाई परिचालन पर विशेष असर नहीं पड़ा। कहीं-कहीं यात्रियों को ट्रॉली मिलने या बैगेज क्िलयरेंस में दिक्कत जरूर आई। वाम दलों ने असहयोग आंदोलन को कुचलने के लिए दिल्ली में ‘एस्मा’ लगाए जाने पर लोकसभा में काफी शोर मचाया। इक्कीस हवाई अड्डों पर आवश्यक सेवा जारी रखने के लिए वायुसेना के करीब 500 लोगों को लगाया गया। दिल्ली में हवाई सेवा पर कोई असर नहीं पड़ा। विमानों का आना-जाना समय पर हुआ। दिल्ली में शाम तक 250 उड़ाने आईं और 125रवाना हुईं। कोलकाता में यात्रियों को ट्राली नहीं मिलने के कारण अपना सामान उठा कर ले जाना पड़ा। वहां टॉयलेट गंदे होने की भी शिकायत की गई। मुंबई से आए एक यात्री ने बताया कि कर्मचारियों की नारेबाजी के अलावा हवाई सेवा सुचारु रूप से जारी रही। चेन्नई, कोयंबटूर, बेंगलुरु, हैदराबाद, तिरुअनंतपुरम, कोच्चि, पोर्टब्लेयर आदि शहरों में भी हवाई यातायात सामान्य रहा। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी सामान्य रहीं और विभिन्न देशों के विमानों के आने में कोई दिक्कत नहीं हुई। हालांकि वाराणसी के बाबतपुर हवाई अड्डे से आज कोई भी उड़ान रवाना नहीं हुई। कर्मचारियों की मांग है कि हैदराबाद और बेंगलूरु में नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के साथ ही मौजूदा हवाई अड्डों को भी चालू रखा जाए। नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने लोकसभा में बयान दिया कि नए हवाई अड्डे चालू होने के बाद मौजूदा हवाई अड्डों पर व्यावसायिक कार्य बंद करने के लिए सरकार बाध्य है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: हवाई अड्डा कर्मियों की हड़ताल से उड़ान बेअसर