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कर्मचारियों के आंदोलन ने जोर पकड़ा, विभिन्न कर्मचारी संगठन सड़क पर उतरे

कर्मचारियों का आंदोलन अब जोर पकड़ता जा रहा है। विभिन्न कर्मचारी संगठन सड़कों पर उतर कर विरोध कर रहे हैं। बुधवार को झारखंड राज्य कर्मचारी महासंघ की ओर से कचहरी चौक में मुख्यमंत्री का पुतला फूंका गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में उपस्थित कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जम कर नारेबाजी की। पुतल दहन के बाद सभा भी हुई। इसे संबोधित करते हुए विभिन्न कर्मचारी नेताओं ने सरकार की कथित कर्मचारी विरोधी नीतियों की आलोचना की। नेताओं ने चेतावनी भी दी कि अगर सरकार उन लोगों की मांगें नहीं मानती हैं, तो आंदोलन को और उग्र किया जायेगा।ड्ढr इससे पहले महासंघ के सर्वे मैदान स्थित कार्यालय से रैली निकाली गयी, जो मेन रोड, अलबर्ट एक्का चौक होते हुए वापस कचहरी चौक पहुंची। यहां मुख्यमंत्री का पुतला फूंका गया। इस मौके पर महासंघ के राज्याध्यक्ष शैलेंद्र कुमार, अध्यक्ष छत्तर सिंह, मुख्य संरक्षक राम किशोर सिंह, महासचिव कमल किशोर यादव, उप महासचिव एस रहमान ने कहा कि जब तक सचिवालय चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी जाती, आंदोलन जारी रहेगा। अभी पूरे देश में छठा वेतन आयोग की अनुशंसा लागू होने जा रही है, जबकि झारखंड में पांचवें वेतन आयोग की अनुशंसाओं को भी पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। इन्हीं गलत नीतियों के कारण कर्मचारियों को आत्मदाह के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। कार्यक्रम में राजेंद्र प्रसाद सिंह, सुरेंद्र कुमार, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, राम विलास साह, केदार पासवान, शेखर नायक, मधुसूदन मंडल, निर्मल उरांव, मादी मुंडा, जागेश्वर साहब, गोपाल महतो शामिल थे। आज नेपाल हाउस गेट जाम करेंगेड्ढr रांची। सचिवालय चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों ने गुरुवार को नेपाल हाउस का गेट जाम करने की चेतावनी दी है। संघ के कृष्णा चौधरी ने बताया कि वे लोग अब अपने आंदोलन को और उग्र बनायेंगे। बुधवार को लगातार छठे दिन भी चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों ने सचिवालय में काम नहीं किया। इन कर्मचारियों ने नेपाल हाउस के गेट के सामने बैठकर नारेबाजी की। इस दौरान कई नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों का ख्याल नहीं रख रही है। ऐसे में कर्मचारियों को आत्मदाह के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। नेपाल हाउस में पुलिस के संरक्षण में हुआ कामड्ढr रांची (कासं)। गुरुवार को नेपाल हाउस के अंदर और बाहर चप्पे-चप्पे पर सशस्त्र और लाठीधारी महिला-पुरुष पुलिस बलों की तैनाती की गयी थी। चतुर्थवर्गीय कर्मियों की हड़ताल के बावजूद सुबह 10.30 बजे कार्यालय खुले। विभागीय सचिव, अधिकारी और सहायक काम पर आये। अनुसेवकों की हड़ताल के कारण विभागीय सहायक और बड़ा बाबू ही फाइल आदि सचिव के पास ले जाते और लाते देखे गये। अनुसेवकों की हड़ताल का असर सचिवालय के कामकाज पर पड़ा है। हालांकि कुछ विभागों जैसे उर्जा सचिव कोषांग, जल संसाधन मंत्री और सचिव कोषांग, अभियंता प्रमुख कोषांग आदि में इक्के-दुक्के कर्मचारियों ने हाजरी तो बनायी, लेकिन वे सहमे-सहमे डय़ूटी कर रहे थे। नेपाल हाउस के चारों तल्ले पर पुलिस बल तैनात थे। हालांकि हड़ताली कर्मियों ने कहीं बाधा डालने की कोशिश नहीं की। उधर झारखंड कर्मचारी महासंघ के महासचिव केके यादव ने कहा कि सचिवालय सहायक कर्मचारी संघ ने इस हड़ताल में साथ नहीं देकर असहयोगात्मक रुख का परिचय दिया है। उनके नेताओं के साथ वार्ता का प्रयास जारी है।

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