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कमाऊ शौचालयों के चलन को मंत्री ने भी स्वीकारा

बिहार में सिर पर मैला ढोने की कुप्रथा पर बुधवार को बिहार विधान परिषद में विपक्षी सदस्यों ने जमकर शोर-शराबा किया और सरकार को घेरा। विपक्ष के सवालों से घिरे मंत्री प्रेम कुमार जब सदन को संतुष्ट नहीं कर पाए तो कार्यकारी सभापति प्रो. अरुण कुमार ने उन्हें विस्तृत विवरण केसाथ एक सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया। इसके पहले सभापति ने कहा कि राज्य में कमाऊ शौचालयों की प्रथा चल रही है और सरकार इस प्रथा को पटना मुख्यालय से भी नहीं हटा पायी है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।ड्ढr ड्ढr तारांकित प्रश्न के माध्यम से समीर कुमार महासेठ ने सरकार से पूछा था कि क्या यह सही है कि राज्य में कमाउ शौचालय का चलन आज भी है। साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या यह सही है कि पटनासिटी के कैमाशिकोह इलाके में मैला ढोने वाली खुलेआम नाली में मैला डालकर चली जाती हैं, जिससे आम लोगों का जीवन नारकीय हो गया है? इन प्रश्नों को मंत्री ने सही बताया। मंत्री के स्वीकारात्मक जवाब पर विपक्षी सदस्यों ने उनपर सवालों की बौछार कर दी। राजद के नागेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि समाहर्ताओं को इस कुप्रथा को रोकने की जिम्मेदारी दी गयी थी। बावजूद इसके यह सब चल रहा है। उन्होंने सरकार से पूछा कि अब तक कितने समाहर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की गयी है। जगन्नाथ राय, नवल किशोर यादव, परमात्मा राम ने भी सरकार से यह बताने को कहा कि कहां-कहां यह कुप्रथा चल रही है और कितने डीएम के खिलाफ कार्रवाई की गयी है। विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच कार्यकारी सभापति ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और सरकार से पूरे विवरण के साथ जवाब देने का निर्देश दिया। र्दुव्‍यवहार के मामले में फैसला सदन करेगीड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। विधान परिषद के सदस्य प्रो.नवल किशोर यादव के साथ र्दुव्‍यवहार के मामले का अब सदन फैसला करेगी। बुधवार को राजद के सदस्यों ने इस मामले को सदन में उठाया और सरकार से जवाब की मांग की। सदन की कार्रवाई शुरू होते ही राजद के मुंद्रिका सिंह यादव ने यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि सदस्य को गालियां दी गयीं और उनपर प्रहार किया गया। यह शर्मनाक घटना है। इस मामले में ढिलाई बरती गयी तो आगे भी ऐसी घटनाएं होंगी। उन्होंने कहा कि दोषी पुलिस पदाधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। प्रश्नोत्तर काल के बाद फिर एक बार सदन में यह मामला उठा और सदस्यों ने सरकार से जवाब की मांग की। इसपर ऊर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि यह विधान मंडल परिसर की घटना है और परिषद के सभापति तथा विधान सभाध्यक्ष का अधिकार क्षेत्र है। इसमें सभापति ही निर्णय ले सकते हैं। यह सरकार का अधिकार क्षेत्र नहीं है। उन्होंने कहा कि सभापति के आदेश पर सरकार घटना से जुड़े तथ्य उपलब्ध करा देगी। इसपर सभापति ने कहा कि अब यह सदन का मामला है और इसका निर्णय सदन ही करेगा।

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