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सभी पंचायत प्रतिनिधियों को अंगरक्षक मुहैया कराना असंभव

सरकार ने कहा है कि आरक्षी बलों की कमी के कारण सभी पंचायतराज प्रतिनिधियों को अंगरक्षक उपलब्ध कराना संभव नहीं है। ऊर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने बुधवार को विधान परिषद में रघुवंश प्रसाद यादव के तारांकित प्रश्न के जवाब में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि बहुत से पंचायत प्रतिनिधियों को हथियार के लाइसेंस दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा सुरक्षा की मांग पर डीएम की अध्यक्षता में गठित कमिटी निर्णय लेती है।ड्ढr ड्ढr आवश्यकतानुसार उन्हें सुरक्षा भी मुहैया करायी जाती है। सदस्यों के सवाल पर उन्होंने कहा कि कितने प्रतिनिधियों ने सुरक्षा और लाइसेंस के लिए आवेदन किए हैं, फिलहाल यह आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। साथ ही उन्होंने इस बात से इनकार किया कि अपराधियों द्वारा लगातार पंचायत प्रतिनिधियों की हत्याएं हो रही हैं।ड्ढr ड्ढr सभी जिलों में सूचना भवन बनेंगेड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। सरकार ने कहा है कि सभी जिलों में सूचना भवन का निर्माण होगा। आठ जिला मुख्यालयों में सूचना भवन का निर्माण प्रारंभ हो गया है। 12 जिलों में सूचना भवन के लिए स्थल चयन कर निर्माण की स्वीकृति की प्रक्रिया प्रारंभ की गयी है। वित्तीय वर्ष 2008-0में सूचना भवनों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। सूचना एवं जनसंपर्क राज्य मंत्री अजरुन राय ने बुधवार को विधान परिषद में वासुदेव सिंह के तारांकित प्रश्न के जवाब में यह घोषणा की। श्री सिंह के एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत सूचना प्राप्त करने के लिए प्रत्येक कार्यालय में लोक सूचना पदाधिकारी और अपीलीय पदाधिकारी नामित हैं। सूचना भवन से इसका कोई संबंध नहीं है। वहीं नवल किशोर यादव के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में उन्होंने सदन को जानकारी दी कि समाचर पत्रों में छपी तथ्यहीन खबरों के खण्डन के लिए मुख्यसचिव द्वारा सभी विभागीय सचिवों को कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।ड्ढr ड्ढr नीतीश कुमार बुद्धि से पैसा निकाल रहे : मंत्रीड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। ‘नीतीश कुमार बुद्धि से पैसा निकाल रहे हैं। उनके पास खजाना नहीं है, बस दिमाग से पैसा पैदा हो रहा है, बिहार के विकास के लिए।’ जल संसाधन मंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह बुधवार को विधानपरिषद में खास मूड में थे। उन्होंने विपक्ष पर जमकर प्रहार तो किया ही, साथ ही उन्हें बार-बार बीते दिनों की याद भी दिलाई। दूसरी ओर सत्ता पक्ष के सदस्य भी विपक्ष पर लगातार हावी होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन विपक्ष के आक्रामक तेवर के कारण मामला कई बार उलझा। वैसे, सदस्यों के व्यंग्य विनोद के कारण सदन का माहौल हास्यपूर्ण ही रहा। सदस्यों ने एक दूसरे पर टिप्पणी कर हंसाने की पुरजोर कोशिश की। जल संसाधन मंत्री अपना जवाब देते हुए कईबार भावुक भी हुए। रामाश्रय प्रसाद सिंह के जवाब देने के क्रम में विपक्षी सदस्यों की इस बात के लिए खिंचाई की कि वे आरोप तो लगा गए, लेकिन उनका उत्तर सुने बगैर वाक आउट कर गए। इस पर ताराकांत झा ने टिप्पणी की, ‘वे आपसे बहुत डरते हैं।’ इसी तरह आय-व्यय पर बहस के क्रम में जल संसाधन विभाग पर सदस्य बोल रहे थे, लेकिन सदन में जल संसाधन मंत्री मौजूद नहीं थे। इसपसर विपक्ष ने आपत्ति की। सत्ता पक्ष के उपनेता गंगा प्रसाद ने लघु सिंचाई मंत्री की ओर इशारा करते हुए बताया कि मंत्री मौजूद हैं। सभापति ने भी कहा कि सरकार मौजूद है, फिर आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इस पर विपक्ष ने कहा कि ये तो लघु हैं। तत्काल गंगा प्रसाद ने टिप्पणी की, ‘देखिए मंत्रिए को लघु कह रहे हैं। मंत्री लघु होता है जी।’ इसी तरह लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री प्रेम कुमार पेयजल संकट पर बोल रहे थे, कि पीछे से जदयू के रामबदन राय ने कटाक्ष मारा, ‘गया में भी भारी संकट है हुजूर।’ सदन में ठहाका गूंज उठा, क्योंकि मंत्री प्रेम कुमार गया के ही हैं। रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा,‘विकास कार्यो के लिए पूर्ववर्ती सरकार पैसों का रोना रोती थी, अब हमारे पास पैसा है। सब कुछ वही है, बस! मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिमाग से पैसा निकाल रहे हैं।’ं

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