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बाढ़ के स्थाई निदान को सरकार गंभीर

राज्य सरकार बाढ़ के स्थाई निदान के प्रति गंभीर है और इसके लिए नेपाल में उपयुक्त स्थलों पर डैम के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार से संपर्क साध रही है। राज्य की नदियों को जोड़ने की योजना तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सपना है। इस पर भी काम शुरू किया गया है। विधान परिषद में आय- व्यय पर हुए बहस का जवाब देते हुए जल संसाधन मंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने बुधवार को उक्त घोषणाएं की।ड्ढr ड्ढr मंत्री का जवाब शुरू होते ही राजद के नाराज सदस्य सदन से निकल गए। उनकी अनुपस्थिति में जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि पुनपुन बराज योजना को पूरा कर सरकार स्व. जगदेव बाबू के सपनों को पूरा करेगी। मोकामा टाल योजना में मुख्यमंत्री स्वयं रुचि ले रहे हैं और तब शीघ्र ही वह इलाका खुशहाल होगा, जब यह योजना पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि तटबंधों को ऊंचा करने के साथ नदियों को भी गहरा करने की योजना भी सरकार के पास है। निधि की उपलब्धता के अनुसार उनपर काम किया जाएगा। सरकार दरभंगा और मुजफ्फरपुर शहरों को बाढ़ से बचाने की योजना पर काम शुरू कर चुकी है। सोन नदी में पानी की कमी की चर्चा पर मंत्री ने कहा कि गत वर्ष हमने सिंचाई और छठ व्रत के लिए रिहंद और वाणसागर से पानी मंगाकर दिया था। आगे भी आवश्यकता हुई तो ऐसा किया जाएगा लेकिन पानी के बिना फसल को सूखने नहीं दिया जाएगा। बहस में भाजपा के ताराकांत झा और बालेश्वर सिंह भारती, राजद के मुन्द्रिका सिंह यादव और रामचंद्र प्रसाद तथा जद यू के विरेन्द्र कुमार चौधरी और राम बदन राय के अलावा माकपा के बासुदेव प्रसाद सिंह ने भी भाग लिया। विकास के नए मॉडल से सूबे का चेहरा बदल जाएगा : मोदीड्ढr पटना (का.सं.)। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि सूबे में विकास का एक नया ढांचा बनाया गया है जो अगले चार-पांच साल में राज्य का चेहरा बदल देगा। अब सूबे में निजी निवेश व सार्वजनिक निजी भागीदारी के अनुकूल वातावरण बना है।बड़े-बड़े उद्योग समूहों ने सूब में रुचि लेना शुरू कर दिया है। बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरोद्धार में निजी निवेशक की रुचि बढ़ी है। विकास के लिए कई योजनाएं बनी हैं। उपमुख्यमंत्री श्री मोदी ने बुधवार को ‘बिहार बजट 2008-0: बिहार की आर्थिक समस्या एवं कृषि नीति’ विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उक्त बातें कहीं। बिहार आर्थिक अध्ययन संस्थान द्वारा बिपार्ड के सभागार में आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता पूर्व मुख्यमंत्री डा.जगन्नाथ मिश्र ने की। श्री मोदी ने कहा कि 11 वीं योजना में सकल घरेलू उत्पाद में 8.5 फीसदी वृद्धि के लिए 5रोड़ सार्वजनिक निवेश व 108283 करोड़ का निजी निवेश का अनुमान है। सरकार लोगों के हुनर और कौशल के विकास के लिए उन्नत प्रशिक्षण का इंतजाम कर रही है।ड्ढr ड्ढr अर्थशास्त्री डा. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि नई सरकार ने संसाधन,उगाही,व्यय का विवेकीकरण,घाटे का प्रबंधन व ऋण दायित्व के प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया है। संस्थान के अध्यक्ष डा. मिश्र ने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि पिछले दो सालों में पूंजी निवेश का बढ़िया माहौल बना है। सरकार ने आंतरिक संसाधन जुटाने में भी सफलता पायी है। वित्तीय अनुशासन में सुधार, आधारभूत सुविधा में विस्तार, कृषि क्षेत्र में अपेक्षित विकास से संतुष्ट होकर पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 3.3 हजार करोड़ से अधिक की योजना स्वीकृत हुई है। उद्यमिों को बढ़ावा मिल रहा है। संगोष्ठी में आईसी कुमार,डा.पीएन झा,डा.आरके सिन्हा,आरपी यादव,रामउदार झा,प्रो.ललन दुबे आदि भी उपस्थित थे। निदेशक डा.प्यारे लाल ने विषय प्रवेश व उपेन्द्र नारायण विद्यार्थी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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