अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नहीं रहे बीआइटी मेसरा के वाइस चांसलर

बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआइटी) मेसरा रांची के वाइस चांसलर प्रोफेसर सनत कुमार (एसके) मुखर्जी का बुधवार को यहां निधन हो गया। वह 55 वर्ष के थे और अपने पीछे अपनी पत्नी सुतापा के अलावा दो पुत्र-संदीप और रणदीप मुखर्जी, को छोड़ गये हैं। वह पिछले कई दिनों से बीमार थे। इलाज के लिए बीती 21 फरवरी को रांची के अपोलो अस्पताल में दाखिल कराये जाने के बाद उनकी स्थिति बिगड़ने गयी, उन्हें 26 कोलकाता को कोलकाता अपोलो लाया गया, जहां डाक्टर अशोक सेनगुप्ता की देखरेख में चिकित्सा चल रही थी।ड्ढr बताया गया है कि एक्यूट रेसपिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम से पीड़ित श्री मुखर्जी की तबीयत मंगलवार की रात से ही तेजी से बिगड़ने लगी थी और अंतत: बुधवार की सुबह पौने नौ बजे उनका निधन हो गया। उनकी मृत्यु के वक्त उनके परिजनों के साथ ही बड़ी संख्या में उनके मित्र और बीआइटी, मेसरा से जुड़े उनके सहयोगी मौजूद थे। बुधवार को ही अपराह्न् करीब साढ़े चार बजे कोलकाता के केवड़ातला श्मसान में उनकी अंत्येष्टि कर दी गयी। इधर, उनकी मौत की खबर सुनते ही बीआइटी मेसरा शोक में डूब गया। छात्र व शिक्षक तो रो पड़े। कक्षाएं स्थगित कर दी गयीं। संस्थान के प्रस्तावित कार्यक्रम रद्द कर दिये गये। गुरुवार को शोकसभा आयोजित की जायेगी। इसबीच राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी और मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने उनके निधन पर गहरी संवेदना प्रकट की है। मुखर्जी की मौत की खबर मिलते ही परिजनों, मित्रों व रिश्तेदारों का तांता लग गया। बाद में उनका शव दक्षिण कोलकाता में लैंसडाउन लेन स्थित उनके पैतृक आवास पर ले जाया गया। वहां से शवयात्रा यादवपुर विश्वविद्यालय पहुंची। श्री मुखर्जी इसी विवि के छात्र रहे थे और बाद में यहां उन्होंने अध्यापन भी किया। विवि में शिक्षकों-कर्मचारियों व छात्रों ने उन्हें श्रद्धांजलि दीं। उनके बड़े बेटे संदीप मुखर्जी ने उन्हें मुखाग्नि दी।ड्ढr

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: नहीं रहे बीआइटी मेसरा के वाइस चांसलर