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फॉरेस्ट क्लीयरेंस देने में सतर्कता बरतने का निर्देश

फॉरेस्ट क्लीयरेंस के अभाव मंे कोयला के 25 और लौह अयस्क के 15 खदानों का लीज आवंटन प्रभावित है। इसको मुख्य सचिव एके बसु ने गंभीरता से लिया है। फारेस्ट क्लीयरेंस के लिए मापदंड पर विचार करने के लिए बसु ने गुरुवार को संबद्ध विभागों की बैठक बुलायी। बैठक में इलेक्ट्रो स्टील को फारेस्ट क्लीयरेंस देने का निर्णय लिया गया। कोयला से संबद्ध 25 खदानों को क्लीयरेंस मिल जाने से राज्य के खनन क्षेत्र से राजस्व वसूली 2000 करोड़ रुपये हो जायेगी। बसु ने विभागीय सचिवों को निर्देश दिया कि उद्योग भी लगे और वन भी अछूता रहे, इस नीति को अपनाते हुए क्लीयरेंस देने की कार्रवाई की जाये। क्लीयरेंस देने के समय नियमों का पालन करते हुए विवेक का भी इस्तेमाल किया जाये। बैठक में उद्योग सचिव केके खंडेलवाल, राजस्व एवं भूमि सुधार सचिव विष्णु कु मार, वन एवं पर्यावरण सचिव सुधीर प्रसाद और खान एवं भूतत्व सचिव जयशंकर तिवारी के अलावा वन एवं पर्यावरण विभाग के उच्चाधिकारी भी शामिल थे। तीन उद्यमियों के आवेदन क्लीयरेंस के साथ केंद्र को भेज दिया गया है।

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  • Web Title: फॉरेस्ट क्लीयरेंस देने में सतर्कता बरतने का निर्देश