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डील पर अल्पमत सरकार बाधा नहीं : बाउचर

अमेरिका से एटमी करार के मसले पर यदि वाम दल संप्रग सरकार से समर्थन वापस ले लेते हैं, तो अल्पमत संप्रग सरकार क्या इस करार को आगे बढ़ा सकेगी? विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी दो टूक कह चुके हैं कि किसी करार के लिए हम सरकार कुर्बान नहीं करेंगे। माना जा रहा है कि अल्पमत में आ जाने के बाद भारत सरकार की नैतिक हैसियत करार करने की नहीं रह जाएगी। पर अमेरिका के सहायक विदेश मंत्री रिचर्ड बाउचर ने विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी के विचारों से असहमति जताई है। आउटलुक में एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा है कि उनका देश विधिवत स्थापित किसी भी सरकार के साथ असैन्य परमाणु समझौता कर सकता है चाहे वह अल्पमत में ही क्यों न हो। इस बीच अमेरिका में भारत के राजदूत रोनेन सेन ने कहा है कि भारत सरकार अमेरिका के साथ असैन्य परमाणु करार के प्रति वचनबद्ध है। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नई दिल्ली की यह वचनबद्धता केवल द्विपक्षीय 123 करार के प्रति ही है। सेन का यह बयान उस समय आया है जब 17 मार्च को संप्रग-वाम समिति की इस मुद्दे पर अहम बैठक होने जा रही है।

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  • Web Title: डील पर अल्पमत सरकार बाधा नहीं : बाउचर