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ओबीसी सांसदों का कोटे पर अभियान तेज

ओबीसी सांसदों के फ ोरम ने न्यायपालिका में आरक्षण सहित तीन खास मुद्दों पर राजनैतिक अभियान तेज करने का फैसला किया है। दो अन्य मुद्दे हैं-महिला आरक्षण के संशोधित प्रारूप एवं सरकारी नौकरियों में बैकलाग का। फ ोरम ने अपनी बैठक में गुरुवार को यहां इन तीनों मुद्दों पर विचार विमर्श किया। संसद और उसके बाहर राजनैतिक अभियान की भावी रूपरेखा बनाने के लिए 18 मार्च को फ ोरम ने एक और बैठक बुलाई है। अगली बैठक में एससी-एसटी और अल्पसंख्यक समुदाय के सांसदों के भी प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। इन तीनों मुद्दों पर एससी और एसटी सांसदों का फ ोरम भी ओबीसी फ ोरम की राय से सहमत है। उच्चस्थ सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महिला आरक्षण विधेयक के मौजूदा मसविदे पर इस सप्ताह नाराज यूपीए घटकों को मनाने का ताजा प्रयास शुरू किया है। इसके जवाब में ओबीसी सासंदों के फ ोरम ने फिर कहा कि महिला आरक्षण के वह पक्ष में है पर दलित-पिछड़ों और अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के लिए इसमें अलग से व्यवस्था होनी चाहिए। फोरम से सम्बद्ध वरिष्ठ सांसदों ने नौ सूत्रों का एक ज्ञापन भी तैयार किया है। बैठक से पहले सांसदों के एक समूह ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर नचिअप्पन कमेटी की सिफारिशों की र ोशनी में न्यायपालिका की नियुक्ित प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। उनका क हना था कि कमेटी की रिपोर्ट पर ठोस फैसले के बाद ही नई नियुक्ितयां की जानी चाहिए। सांसदों के प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के वी. हनुमंत राव, नारायणसामी, राजद के देवेंद्र प्रसाद यादव और रामकृपाल सहित कई नेता शामिल थे। प्रधानमंत्री ने उनके अनुरोध पर गौर करने का आश्वासन दिया। ओबीसी से जुड़े मामलों पर अलग से एक स्थायी समिति गठित करने की मांग पर भी चर्चा हुई। बताया जाता है कि श्रीमती गांधी ने लालू प्रसाद यादव और रामविलास पासवान सहित कई नेताओं से महिला आरक्षण पर चर्चा की है।इसी क्रम में ओबीसी सांसद अब सरकार पर नए सिरे से दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

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  • Web Title: ओबीसी सांसदों का कोटे पर अभियान तेज