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अबतक चार सीडीपीआे सहित छह पर कार्रवाई

आंगनबाड़ी केन्द्रों में राशि के गबन के मामले में निगरानी विभाग द्वारा अब तक चार बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों, एक महिला पर्यवेक्षक तथा एक लिपिक के विरुद्ध कार्रवाई की गयी है। इसके अलावा मई 2007 से अब तक के मामलों में दोषी 1आंगन बाड़ी सेविकाओं को टेक होम राशन वितरण नहीं करने के आरोप में चयन मुक्त किया गया है तथा 1सेविकाओं के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की गयी है।ड्ढr ड्ढr कल्याण मंत्री रामेश्वर पासवान ने गुरुवार को विधान परिषद में डॉ.भीम सिंह के तारांकित प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी। डॉ.सिंह ने सरकार से यह जानना चाहा था कि क्या यह सही है कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के लाभान्वितों की सूची पुस्तिका की जांच विधि विज्ञान प्रयोगशाला से कराए जाने के बाद यह पाया गया कि एक ही व्यक्ित द्वारा लाभान्वितों के अंगूठे का निशान देकर लाखों का गबन कर लिया गया है? इसपर मंत्री ने कहा कि समाज कल्याण निदेशालय के स्तर से आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान पटना ग्रामीण तथा नूरसराय, नालंदा बाल विकास परियोजनाओं में टेक होम राशन वितरण पंजियों को जांच के लिए फिंगर प्रिंट फोरेंसिक लेबोरेट्री के निदेशक को भेजा गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर पटना ग्रामीण परियोजना के तहत 18 तथा नूरसराय की एक आंगनबाड़ी सेविकाओं को चयन मुक्त किया गया।ड्ढr ड्ढr इनके विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की गयी है। इसके अलावा संबंधित पंचायत के मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य के द्वारा गलत प्रमाण पत्र दिए जाने के आलोक में उन पर भी आपराधिक षडयंत्र के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक लेबोरेट्री से प्राप्त रिपोर्ट सिर्फ 1आंगनबाड़ी केन्द्रों के संबंध में है। इससे चार अरब रुपए की राशि के गबन का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। उन्होंने कहा कि पोषाहार वितरण कार्रवाई पर सतत निगरानी रखी जा रही है और अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई भी की जा रही है।

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