अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नई सरकार में सुरक्षित रहेगा करार : क्िलंटन

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्िलंटन ने कहा है कि भारत, अमेरिका असैन्य परमाणु करार मौजूदा जार्ज बुश प्रशासन के कार्यकाल की समाप्ति के साथ ही खत्म नहीं होगा बल्कि नई अमेरिकी सरकार इसे सुरक्षित रखेगी। क्िलंटन ने गुरुवार को सैटेलाइट के जरिए इंडिया टुडे कानक्लेव में अपने प्रमुख भाषण में कहा कि अमेरिका में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में किए गए समझौतों का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों देश चाहें तो समझौते के कुछ अंशों पर पुनर्विचार जरूर किया जा सकता है। समझौते को भारत और अमेरिका दोनों के लिए अच्छा बताते हुए क्िंलटन ने कहा कि यदि आपको इस बात की जानकारी है कि परमाणु ऊर्जा से क्या किया जा सकता है तो यह समझौता आपके लिए अच्छा है। दो बार अमेरिकी राष्ट्रपति रह चुके क्िलंटन से जब यह पूछा गया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में इस तरह का समझौता क्यों नहीं किया तो उन्होंने कहा कि उनके समय में स्थितियां भिन्न थी क्योंकि उनके समक्ष अन्य महत्पवूर्ण मुद्दे थे। उन्होंने कहा कि उस समय परमाणु अप्रसार पर मेरा नजरिया भिन्न था। इसके अलावा मैं नहीं चाहता था कि चीन क्षेत्र में हथियारों की दौड शुरू करे। भारत और पाकिस्तान के सम्बन्धों पर क्िलंटन ने कहा कि यदि दोनों देश कश्मीर मसले पर अपने मतभेदों को दूर कर लें तो वे रक्षा क्षेत्र पर होने वाले भारी-भरकम खर्च को कम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि बंग्लादेश अपनी समस्याएं सुलझा लें तो दक्षिण एशियाई क्षेत्र आर्थिक शक्ित बन सकता है। क्िलंटन ने अफगानिस्तान की हामिद करजई सरकार का भी समर्थन करते हुए कहा कि आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए उसका सत्ता में रहना जरूरी है। इराक में जारी संघर्ष पर क्िलंटन ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी के लिए चुनावी दौड़ में शामिल उनकी पत्नी हिलेरी क्िलंटन ने वादा किया है कि यदि वह चुनाव जीत गईं तो 60 दिनों के भीतर इराक से अमेरिकी सेना हटनी शुरू हो जाएगी। इराक में संयुक्त राष्ट्र के हथियार निरीक्षकों द्वारा सामूहिक विनाश के हथियारों की तलाशी का काम पूरा होने के पहले ही उस देश पर हमला करने के लिए उन्होंने बुश प्रशासन की निन्दा करते हुए कहा कि इस तरह के हथियार 1में ही नष्ट किए जा चुके थे। उन्होंने कहा कि हथियार निरीक्षक इस बात की जांच कर रहे थे कि इराक में जो जखीरा था वह हथियारों की श्रेणी का था या नहीं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: नई सरकार में सुरक्षित रहेगा करार : क्िलंटन