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स्कूलों के रूटीन में बदलाव को सर्वेक्षण होगा

सभी स्तर के विद्यालयों के टाइम टेबल के पुनर्निर्धारण के लिए राज्य सरकार सदन की कमेटी से सर्वेक्षण कराने को तैयार है। मानव संसाधन विकास मंत्री वृशिण पटेल ने शुक्रवार को विधान परिषद में प्रो.नवल किशोर यादव के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में यह आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने इस बात से इनकार किया कि सुबह 8 बजे से दोपहर दो बजे तक विद्यालय में पठन-पाठन का समय निर्धारित रहने से विद्यार्थियों और शिक्षकों को भूखे-प्यासे रहना पड़ता है और इससे उनके दैनिक क्रियाकलापों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।ड्ढr ड्ढr मंत्री ने कहा कि बच्चों को पठन-पाठन के अलावा खेलने-कूदने का समय मिले इसको ध्यान में रखकर ही ऐसी व्यवस्था की गयी है कि बच्चे तीन बजे तक घर पहुंच जाएं। इसपर रामकिशोर सिंह ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सुबह सात बजे तक भोजन तैयार नहीं हो पाता है और बच्चों को बासी खाना खाकर ही स्कूल जाना पड़ता है। उन्होंने अपने अनुभव की चर्चा करते हुए कहा कि वे भी बासी भात खाकर स्कूल जाया करते थे। प्रतिपक्ष के नेता गुलाम गौस ने कहा कि वे भी बासी रोटी खाकर ही स्कूल जाया करते थे। इसपर मंत्री ने कहा कि बासी खाना खाकर वह भी स्कूल गए हैं। केदार पाण्डेय ने कहा कि यह उनका व्यावहारिक अनुभव है कि देहाती क्षेत्रों में 70-80 प्रतिशत बच्चे बिना खाना खाए ही स्कूल जाते हैं। इसलिए स्कूल का समय सुबह 10 से शाम चार बजे तक करना चाहिए। वासुदेव सिंह ने भी इसपर अपनी सहमति जताई।ड्ढr ड्ढr उन्होंने सरकारी कार्यालयों में कार्यावधि में परिवर्तन का भी हवाला दिया। महाचंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि इस विषय पर सदन में तीसरी बार चर्चा हो रही है। सरकार को समय में परिवर्तन करना चाहिए और सदन की कमेटी गठित कर सर्वेक्षण करा लिया जाए। इसपर मंत्री ने कहा कि सदस्यों की एक कमेटी बनाकर सर्वेक्षण करा लिया जाएगा। सर्वेक्षण में अगर यह बात होगी कि स्कूल 10 से 4 बजे तक ही चलना चाहिए तो सरकार समय में परिवर्तन कर देगी।

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  • Web Title: स्कूलों के रूटीन में बदलाव को सर्वेक्षण होगा