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जनजातीय आबादी के स्वास्थ्य के प्रति सरकार गंभीर हो : अजरुन

आदिम जनजातियों के स्वास्थ्य के प्रति सरकार को खास ध्यान देने की आवश्यकता है। इस कार्य में सरकार अस्पतालों की मदद ले सकती है। आदिम जनजातियों को नेत्र चिकित्सा उपलब्ध कराने में कश्यप मेमोरियल आइ हॉस्पिटल की भूमिका अग्रणी रही है। हॉस्पिटल का प्रयास काफी सराहनीय है। उक्त बातें नेता प्रतिपक्ष अजरुन मुंडा ने शुक्रवार को कश्यप आइ हॉस्पिटल में जनजातीय मरीजों से मिलने के बाद कहीं। अस्पताल में 28 मरीजों का नि:शुल्क ऑपरेशन किया गया है। इस मौके पर विकास भारती के सचिव अशोक भगत, डीपीएस प्राचार्य महेश बरेजा, अस्पताल के डॉ बीपी कश्यप, डॉ भारती कश्यप उपस्थित थीं।ड्ढr इस मौके पर अशोक भगत ने कहा कि आज से करीब 22 साल पहले स्व. डॉ भरत प्रसाद कश्यप ने गुमला में जाकर वहां आदिवासियों के बीच कैंप कर मरीजों को देखा था। हालांकि वहां से लौटने के कुछ ही घंटों बाद हृदय गति रुकने से उनकी मौत हो गयी। 22 साल बाद फिर से डॉ भारती कश्यप और डॉ बीपी कश्यप ने वहां कैंप कर 60 मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उनका नि:शुल्क ऑपरेशन अपने अस्पताल में किया। यह स्व डॉ भरत प्रसाद कश्यप के सपने के साकार होने सा है। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।ड्ढr स्वागत भाषण में डॉ भारती कश्यप ने कहा कि पिछले दिनों गुमला में कैंप कर करीब एक हजार मरीजों के नेत्र की जांच की गयी। इसमें से 60 मरीजों में मोतियाबिंद पाया गया।

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  • Web Title: जनजातीय आबादी के स्वास्थ्य के प्रति सरकार गंभीर हो : अजरुन