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मूल्यों और आदर्शो की रक्षा के लिए विद्वतजन आगे आयें : बाबा रामदेवं

योगगुरु बाबा रामदेव ने पूर्व स्पीकर इंदर सिंह नामधारी की पुस्तक ‘घूंघट के पट खोल’ का लोकार्पण किया। उन्होंने पुस्तक की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारतीय समाज में ध्वस्त हो रहे मूल्यों, आदर्शो को बचाने के लिए साहित्यकारों-विद्वानों के साथ राजनेताओं को भी आगे आना चाहिए। शुक्रवार को होटल ग्रीन होराइजन में पुस्तक विमोचन समारोह आयोजित था। पुस्तक लेखक नामधारी ने कहा कि जब राजधानी का साहित्य जगत से रिश्ता टूट गया, तो राजनीति बदनाम हो गयी। पूर्व मुख्यमंत्री अजरुन मुंडा ने साहित्य रचना के लिए इंदरसिंह नामधारी और झारखंड में योग और आध्यात्म की चेतना जागृत करनेवाले बाबा रामदेव का आभार जताया। डॉ श्रवण कुमार गोस्वामी ने कहा कि अच्छे और वास्तविक साहित्यकार राजनेताओं के पीछे चक्कर नहीं लगाते हैं। डॉ अशोक प्रियदर्शी ने पुस्तक में अंतर्निहित कथावस्तु की संक्षिप्त चर्चा की। डॉ ऋता शुक्ला ने बाबा रामदेव के रांची आगमन और योग के क्षेत्र में उनके आविर्भाव को देश के लिए गौरवशाली घटना बताया। वरिष्ठ पत्रकार हरिवंश ने साहित्य कृति की चर्चा की। अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार बलबीर दत्त ने की।ं

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