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..दिल खोल शिक्षा ऋण देंगे बैंक

बोर्ड की परीक्षाएं अब कुछ दिनों के बाद खत्म हो जाएंगी और इससे पहले ही बैंक सक्रिय दिखने लगे हैं इंजीनियरिंग,मेडिकल और दूसरे पेशेवर डिग्री लेने वाले विद्यार्थियों को लोन देने के लिए। बहुत से बैंकों ने इस बाबत विभिन्न प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों से पहले ही तालमेल करना भी करना शुरू कर दिया है कि वे उनके विद्यार्थियों को लोन देंगे। बैंक एजुकेशन लोन करीब 12 प्रतिशत की ब्याज दर पर देते हैं। वे अधिक से अधिक एजुकेशन लोन देने की फिराक में रहते हैं क्योंकि इसमें डिफाल्ट रेट लगभग नगणय ही है। सूत्रों ने बताया कि स्टेट बैंक ने आईआईएम के साथ, बैंक ऑफ बड़ौदा ने कुछ मेडिकल कालेजों से, इंडियन बैंक ने दक्षिण भारत की एसआरएम विश्वविद्यालय से तालमेल कर लिया है। अन्य कई बैंक भी इस लिहाज से तालेमल की कोशिश कर रहे हैं या फिर वे एजुकेशन लोन लेने वालों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए अभियान चला रहे हैं। एक प्रमुख बैंक के अधिकारी का कहना था कि वे लोन देते वक्त विद्यार्थी के अभिभावकों को सलाह देते हैं कि वे ब्याज की राशि तब भी देते रहे जब उनका बच्चा पढ़ रहा हो। जब वह डिग्री हासिल करने के बाद नौकरी करने लगे तो उसे सिर्फ लोन की मूल रकम ही वापिस करनी हो। स्टेट बैंक के प्रवक्ता ने बताया कि वे उस समय अपने अधिकारियों की टीमे भेजते हैं, जिधर विद्यार्थी दाखिले के लिए आते हैं। इन विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से उसी समय सम्पर्क कर लिया जाता है लोन देने की बाबत। बैंकों को ऐसा करके लाभ भी होता है। हालांकि यह बात भी सच है कि प्राय: उन्हीं कालेजों के विद्यार्थी बैंकों से एजुकेशन लोन लेते हैं, जो प्राइवेट कालेजों में दाखिला ले रहे होते हैं। उनमें फीस इतनी अधिक होती है कि सामान्य मिडल क्लास इंसान के लिए अपने पुत्र या पुत्री को पढ़ाना लोहे के चने चबाने की तरह से होता है। इंडियन बैंक के एजुकेशन लोन विभाग से जुड़े हुए एक आला अधिकारी ने बताया कि अन्य बैंकों की तरह से उनका बैंक विदेशों में उच्च शिक्षा ग्रहण करने वालों को भी लोन देता है। एक अनुमान के अनुसार, करीब 80 प्रतिशत एजुकेशन लोन देश में पढ़ने के लिए ही लिया जाता है और करीब 20 फीसदी लोन लिया जाता है देश से बाहर पढ़ने के लिए जाने वालों द्वारा। कुछ साल पहले तो प्राय: इंजीनियरिंग, मेडिकल और मैनजमेंट के विद्यार्थी ही लोन लेते थे। भारत से बाहर विद्यार्थी प्राय: अमेरिका और ब्रिटेन में ही उच्च शिक्षा या फिर किसी पेशेवर कोर्स को करने के लिए जाते हैं। इधर कुछ सालों से पाइलट, विमान परिचायिका तथा होटल मैनजमेंट का कोर्स करने वाले छात्र-छात्राएं भी लोन ले रहे हैं। प्राय: लोन 3-4 लाख रुपये के बीच में ही लिया जाता है। हां, देश से बाहर जाकर पढ़ने वाले बच्चे सात-आठ लाख रुपये तक लोन लेते हैं।

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