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मैं क्या, कोई भी नहीं है संत : गिलक्रिस्ट

ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट ने हरभजन सिंह की टिप्पणी पर चुटकी लेते हुए कहा कि इस खेल में कोई संत नहीं है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने वाले गिलक्रिस्ट ने कहा, ‘मैंने यह दावा कभी नहीं किया कि मैं संत हूं। क्योंकि में ऐसा हूं ही नहीं।’ वह हरभजन सिंह की टिप्पणी, ‘गिलक्रिस्ट कोई संत नहीं हैं पर प्रतिक्रिया जता रहे थे।’ गिलक्रिस्ट इंडिया टुडे कांक्लेव में भाग लेने आए हैं। गिलक्रिस्ट इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में हैदराबाद की तरफ से खेलेंगे। शांतकुमार श्रीसंत की तारीफ के पुल बांधते हुए गिलक्रिस्ट ने कहा वह भारतीय स्पीडस्टार के ऑस्ट्रेलिया के दौरे में सुधरे आचरण से प्रभावित हुए। श्रीसंत इस सीरीज में बदले हुए आदमी थे। उन्होंने अच्छा व्यवहार किया। दरअसल यही तरीका है। क्रिकेट को आपके बारे में बोलने दीजिए। सचिन तेंदुलकर के साथ खेलने को सौभाग्य की संज्ञा देते हुए गिलक्रिस्ट ने कहा, ‘जिस तरह से सचिन ने अपने करियर के दौरान जो मुकाम हासिल किए हैं उस तरह से अन्य कोई अपने खेल को आगे नहीं ले जा पाया। जिस तरह से वह लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं वह विस्मयकारी है। खब्बू बल्लेबाज ने कहा कि भारत को लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। भारत की युवा टीम के सामने यही सबसे बड़ी चुनौती है। हमसे पहले केखिलाड़ियों ने ऐसा कर दिखाया इसलिए वह महान खिलाड़ी और महान कप्तान बन सके। गिलक्रिस्ट मानते हैं कि क्रिकेट के नए प्रारूप ट्वेंटी 20 में इस खेल की सूरत बदलने की ताकत है। बशर्ते इस नई तहजीब का सलीकेसे इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने कहा कि जब एकदिवसीय मैचों का दौर शुरू हुआ तो इससे टेस्ट क्रिकेट की लोकप्रियता पर कोई असर नहीं हुआ। टेस्ट क्रिकेट अभी भी काफी जीवंत है। ट्वेंटी 20 को खेलने का तरीका क्रिकेट की सूरत में अच्छा बदलाव ला सकता है। लेकिन क्रिकेट की इस नई इबारत का दिमाग से इस्तेमाल करना होगा।

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