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चुनाव आयोग ने तैयारी शुरू की

लोकसभा चुनाव की आहट पर रह-रह कर बह रही चुनावी बयार के बीच चुनाव आयोग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। आयोग ने राज्य के सभी 243 निर्वाचन क्षेत्रों में नए परिसीमन के आधार पर चुनाव के मद्देनजर की जाने वाली तब्दीलियों पर काम शुरू कर दिया है। आयोग के निर्देश पर निर्वाचन विभाग ने निर्वाचन क्षेत्रों का को-रिलेशन चार्ट को अगले सप्ताह तक फाइनल करने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। इसके लिए अगले हफ्ते सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है। आयोग के सूत्रों के अनुसार 17 से 1मार्च तक चलने वाली तीन दिवसीय बैठक में को-रिलेशन चार्ट फाइनल कर लिए जाने की उम्मीद है। सभी उप निर्वाचन पदाधिकारियों को अपने-अपने जिले के निर्वाचन क्षेत्रों का नक्शा, मतदान केन्द्रों का ब्योरा और मतदान केन्द्रों के हिसाब से मतदाता सूची केड्ढr साथ बैठक में आने का निर्देश दिया गया है।ड्ढr ड्ढr आयोग के सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान सभी निर्वाचन क्षेत्रों का नए परिसीमन के आधार पर को-रिलेशन चार्ट तैयार किया जाना है। इसके जरिए अंतिम रूप से यह तय कर लिया जाएगा कि किन-किन बूथों के नंबर बदलने हैं और कितने मतदाता दूसरे निर्वाचन क्षेत्रों में चले गए हैं। उसी हिसाब से फोटोयुक्त मतदाता सूची भी तैयार की जाएगी। आयोग ने हाल ही में नमूने के तौर पर सभी जिलों के एक-एक निर्वाचन क्षेत्र का को-रिलेशन चार्ट तैयार किया था। केन्द्रीय चुनाव आयोग द्वारा हरी झंडी के बाद निर्वाचन विभाग ने यह तैयारी शुरू की है। हालांकि आयोग ने अप्रैल तक को-रिलेशन चार्ट तैयार करने की मोहलत दे रखी है, लेकिन निर्वाचन विभाग ने इसे मार्च में ही पूरा कर लेने की लगभग सारी तैयारियां कर ली हैं।ड्ढr ड्ढr मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों के बीच सामेकित वार्ता आजड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) के तत्वावधान में पहली बार रविवार को स्वास्थ्य संवर्ग और शैक्षणिक संवर्ग (मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों) के बीच समेकित वार्ता होगी। नीतीश सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवा संवर्ग के डाक्टरों को डायनेमिक एसीपी देने की स्वीकृति के बाद मेडिकल कॉलेज के डाक्टरों ने भी डायनेमिक एसीपी लेने के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है। केन्द्र सरकार के शैक्षणिक संवर्ग के डाक्टरों की तर्ज पर सूबे के शैक्षणिक संवर्ग के डाक्टरों ने भी अकृत्यशील प्रोन्नति (ननफंक्शनल प्रोमोशन) देने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। रविवार की बैठक में सरकारी गलत नीति के कारण मेडिकल कॉलेज में डाक्टरों की कमी का मुद्दा उठेगा। भारतीय आयुर्विज्ञान परषिद (एमसीआई) के प्रस्तावित दौरे को लेकर मेडिकल कॉलेज के डाक्टरों की यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आये दिन एमसीआई द्वारा मेडिकल कॉलेजों की मान्यता रद्द करने की बात सामने आती रही है। मेडिकल कॉलेजों के डाक्टरों की चर्चित वर्ष ’ की प्रोन्नति नीति के कारण एक तरफ से डाक्टर लगातार सेवानिवृत हो रहे हैं पर नियुक्ित नहीं होने के कारण प्राध्यापक,सह प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक स्तर के शिक्षकों की भारी कमी हो गई है। भासा के प्रदेश प्रवक्ता डा. रंजीत कुमार ने कहा कि रविवार की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष डा. रामनगीना सिंह, सचिव डा. दिनेश्वर सिंह, संयोजक डा. अजय कुमार समेत कई पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।

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