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रोजगार के लिए बिहारियों को बाहरनहीं जाना होगा:मोदी

बिहारियों में सबसे बड़ी खूबी यह होती है कि वे किसी भी दूसरे राज्य में नौकरी के लिए जाते हैं तो तुरंत वहां के वातावरण मंे घुलमिल जाते हैं। साथ ही, उस राज्य की तरक्की भी हो जाती है। यहां तक कि यदि बिहारियों को इस बात की जानकारी मिले कि चांद पर भी नौकरी मिल सकती है तो वे वहां भी जाकर अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं। उक्त बातें उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को दि इन्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट एण्ड वक्र्स एकाउंटे्ट ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित एक सेमिनार में कहीं। इस मौके पर संस्थान के अध्यक्ष चन्द्र वाधवा एवं उपाध्यक्ष कुनाल बनर्जी सहित कई लोग उपस्थित थे।ड्ढr ड्ढr श्री मोदी ने कहा कि बिहार का माहौल अब धीरे-धीरे बदल रहा है। अगले कुछ वषरे में बिहार के लोगों को रोजगार प्राप्त करने के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि यहां के लोगों को नौकरी प्राप्त करने के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़े। हालांकि पिछले एक-दो वषरे में नौकरी के लिए बाहर जाने वाले मजदूरों में काफी कमी आई है। श्री मोदी ने कहा कि यहां के लोग नौकरी तलाश करने के बजाय कुछ ऐसा काम शुरू करें जिससे यहां के कई लोगों को नौकरी मिले ही साथ ही राज्य का भी विकास हो सके। उन्होंने संस्थान के अध्यक्ष से कहा कि वे भी अपनी संस्थान बिहार में खोले ताकि अधिक से अधिक छात्र लाभांवित हो सके। श्री वाधवा ने कहा कि वे जल्द ही पटना एवं भागलपुर में अपनी शाखा खोलेंगे। उन्होंने कहा कि आज बिहार के विकास के लिए जो भी फंड आता है उसका सही इस्तेमाल नहीं हो पाता है। उसमें मोनेटरिंग करने की जरूरत है। किस तरह कम लागत में किसी राज्य का विकास हो सकता है यह जानकारी कॉस्ट एकाउंटेंट के जानकार लोग ही कर सकते हैं।ं

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