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बैंकों ने लगाया सरकार को 2780 करोड़ का चूना

भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और इलाहाबाद बैंक सहित सार्वजनिक, निजी और विदेशी बैंकों की कर निर्धारण में अनियमितताओं के कारण सरकार को पिछले चार साल में कुल मिलाकर 2780 करोड रुपये का चूना लग गया। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक सीएजी की प्रत्यक्ष कर पर जारी ताजा रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है। इसके मुताबिक बैंकों के कर निर्धारण में अनियमितता, गलती और कई तरह की भूल के कारण सरकार को वर्ष 2002-03, वर्ष 2003-04, वर्ष 2004-05 और 2005-06 के निर्धारण वर्ष में 2781.38 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। सीएजी ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी और विदेशी बैंकों सहित कुल 165 कर निर्धारणों की लेखापरीक्षा में 318 गलतियां निकाली, जिनमें उसे 2781.38 करोड़ रुपये के कर की कम वसूली का पता चला। सीएजी ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि इन मामलों में बैंकों ने बट्टे खाते में डाले गए कर्ज वसूले नहीं जा सके और संदिग्ध ऋणों के लिए प्रावधान की गलत अनुमति और बैंकों द्वारा किए गए निवेश के मूल्यांकन के मामले में गलत तरीके से मूल्यह्रास में सरकार को राजस्व की भारी हानि हुई है। रिपोर्ट में सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक की महाराष्ट्र में दाखिल कर निर्धारण रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि बैंक ने बट्टे खाते डाले गए कर्ज को वास्तविकता से यादा दिखाया, जिससे सरकार को 1058.70 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। इसी प्रकार विजया बैंक के मामले में पूंजी निवेश के मूल्यांकन को ध्यान में रखे बिना उसपर होने वाले नुकसान के गलत अनुमान से सरकार को 117.08 करोड़ रुपये का कम राजस्व मिला।

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  • Web Title: बैंकों ने लगाया सरकार को 2780 करोड़ का चूना