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विमानों की आवाज से आहत रीयल एस्टेट सेक्टर

अभी तो राजधानी में नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बना भी नहीं है, इसके बाद भी यहां साउथ दिल्ली की बहुत सी पॉश कालोनियों में प्रॉपर्टी के भाव बुरी तरह से प्रभावित होने लगे हैं। रेंट मा*++++++++++++++++++++++++++++र्*ट भी आहत है। करीब-करीब हर तीन-चार मिनट में एक विमान के आने या जाने के चलते वसंत कुंज, चितरंजन पार्क , पंचशील पार्क, ग्रेटर कैलाश, वसंत विहार आदि इलाकों में किराएदार आने से कतराने लगे हैं। इन विमानों का शोर इतना अधिक होता है कि कई कालोनियों में रहने वाले किराएदार या तो नए क्षेत्रों में रहने के लिए चले गए हैं या वे इस तरफ गम्भीरता से सोच रहे हैं। अपने घरों को बेचने वालों को खरीददार नहीं मिल रहे हैं। विमान की हर समय आने वाली तेज आवाज ने यहां के लोगों का जीना दूभर कर दिया है। एविएशन सेक्टर के जानकार कहते हैं कि जीएमआर की तरफ से बनाए जा रहे हवाई अड्डे के पूरा हो जाने के बाद तो इधर हर दो मिनट में एक विमान आएगा या जाएगा। जाहिर है कि तब हालत और भी खराब होगी। नए हवाई अड्डे को राष्ट्रमंडल खेलों से पहले पूरा होना है। रीयल एस्टेट सलाहकार एजेंसी कुशमैन एंड वेकफील्ड के एक अधिकारी ने कहा कि उपयरुक्त कालोनियों में किराया 25 प्रतिशत तक गिर गया है। घरों को बेचने के उत्सुक लोगों को खरीददार कहीं भी दिखाई नहीं दे रहे हैं। जानकार मानते हैं कि इस लिहाज से सबसे बड़ी दिक्कत यह सामने आ रही है कि इस समस्या का कोई हल भी नहीं है। विमानों का रास्ता तो यही रहेगा। जाहिर है कि इन हालातों में साउथ दिल्ली की इन कालोनियों का भविष्य कोई बहुत उज्जवल नहीं है रीयल एस्टेट बाजार में। उधर, एक अन्य रीयल एस्टेट सलाहकार एजेंसी सैंचुरी 21 के सीएमडी डा. देवेन्द्र गुप्ता कहते हैं कि कि सम्पत्ति के भावों पर तो सम्भवत: अभी तक कोई बहुत असर नहीं हुआ है, लेकिन रेंट मा*++++++++++++++++++++++++++++र्*ट प्रभावित दिख रही है। मकान मालिकों को किराएदार मिलने मुश्किल हो रहे हैं। अगर मिलते भी है तो वे काफी कम किराया दे रहे हैं।

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