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एटमी करार पर नहीं सुलह के आसार

माकपा महासचिव प्रकाश करात और भाकपा सचिव डी. राजा ने बैठक के परिणामों के बारे में साफ कर दिया कि वामदलों को दस्तावेज का अध्ययन करने में दो-तीन महीने का समय चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा को लेकर आईएईए के साथ जो समझौता किया गया है उसका प्रारूप समिति के अधिकार क्षेत्र में है। माकपा मुख्यालय से मिल रही खबरों के अनुसार बैठक में कोई ठोस परिणाम निकलने के उम्मीद नहीं है। बैठक से पहले वामदलों के नेता दोपहर में एक संक्षिप्त बैठक कर रणनाीति तय करेंगे। वामदलों के नेताआें ने कहा कि मनमोहन सरकार ने उन्हें इस समझौते को आगे नहीं बढ़ाने का भरोसा दिया है। फारवर्ड ब्लाक के राष्ट्रीय सचिव जी. देवराजन ने कहा कि सरकार ने वामदलों से कहा है कि वह स्वयं इस समझौते से सम्मानजनक तौर पर बाहर होना चाहती है। जबकि माक्र्सवादी नेता वृन्दा करात का कहना था कि बैठक में सरकार अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ खास सुरक्षा संबंधी मामलों पर भारतीय वार्ताकारों की बातचीत का ब्यौरा देगी। उन्होंने कहा कि हम 123 समझौते और हाइड कानून की शतर्ो को भारत के हितों के विरुद्ध मानते है अत:परमाणु समझौते का विरोध पूर्ववत्त जारी रहेगा।ड्ढr लोकसभा में भाकपा के नेता गुरुदास दासगुप्ता ने बताया कि हमने सरकार को साफ कर दिया है कि उसे देश हित में इस समझौते को आगे बढ़ने से परहेज करना चाहिए। उधर विदेशमंत्री प्रणव मुखर्जी 23 मार्च को अमेरिका जा रहे हैं।

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  • Web Title: एटमी करार पर नहीं सुलह के आसार