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गाढ़े वक्त का साथी नहीं रहा सोना

गाढ़े वक्त में काम आने के लिए खरीदा गया सोना फिलहाल तो मानो किसी काम का नहीं है। अगर लोग बाजार में सोना बेचना चाहें तो उनको काफी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। सुनार सोने में तेज उतार-चढ़ाव के चलते सोने के बदले सोने का सामान तो तुरंत देने को तैयार हैं, लेकिन वापस खरीदने में आनाकानी कर रहे हैं। ज्यादा जोर देने पर ऐसी काट-छाँट बताते हैं कि लोग सोना बेचने का खयाल ही दिल से निकाल देते हैं। ऐसा हाल पूरे प्रदेश का है। हालाँकि डीमेट में सोना खरीदने वालों को यह दिक्कत नहीं झेलनी पड़ रही है।ड्ढr पिछले कुछ दिनों से सोना-चाँदी का भाव आसमान चूम रहा है। किसी दिन चार सौ तो किसी दिन पाँच सौ रुपए चढ़ जाता है। देखते देखते सोना 13 हजार रुपए का स्तर लखनऊ में पार कर गया। रोज इसके बढ़ते दाम सोना रखने वालों को काफी खुशी दे रहे थे लेकिन अगर कोई व्यक्ित सिर्फ सोना बेचना चाहे तो सुनार इससे बच रहे हैं। दवाब डालने पर टाँका काटने का हिसाब काफी ज्यादा बता देते हैं। ऐसे में सोना बेचने वाले को बाजार भाव का लाभ नहीं मिल पा रहा है।ड्ढr दूसरी तरफ प्रदेशभर में जब सुनारों से बात की गई तो उनका कहना है कि सोने के भाव में तेज उतार-चढ़ाव के चलते ऐसी दिक्कतें आ रही हैं। अगर सुबह ग्राहक से सोना खरीदा तो निश्चित नहीं है कि शाम तक उसका भाव क्या होगा। ऐसे में अगर भाव ऊपर गया तो ठीक नहीं तो घाटा तय है। इसलिए ग्राहकों से सोने के बदले सोना खरीदने का आग्रह किया जा रहा है। वैसे जिले के सुनारों का कहना है वह ग्राहक से सोना खरीदने के दो-तीन दिन बाद ही उसको बेचने लखनऊ या आसपास के बड़े शहर में जाते हैं। इतने दिनों में सोने के भाव में काफी अंतर आ जाता है। ऐसे में ग्राहक से सोना खरीदना सुरक्षित व्यापार नहीं है।

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