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केन्द्र का बजट बना कांग्रेस की मुसीबत

ेन्द्र सरकार का आकर्षक बजट अब यूपी में कांग्रेस के लिए चुनौती बन गया है। लोकसभा के दो उपचुनाव आजमगढ़ और खलीलाबाद में पार्टी की ‘परफारमेंस’ इस बजट की कसौटी होगा। इसे लेकर पार्टी नेताआें में बेचैनी है। इन सीटों पर जलालत से बचने के लिए कांग्रेस बाहर के किसी स्टार उम्मीदवार की तलाश कर रही है। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने दिल्ली में डेरा डाल दिया है।ड्ढr आजमगढ़ लोकसभा सीट पर पिछले दो दशक से कांग्रेस का परचम नहीं लहराया है। पूर्व मुख्यमंत्री राम नरेश यादव जनता पार्टी से कांग्रेस में आने के बाद लगातार चार बार लोकसभा चुनाव हारे। बीते विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें फूलपुर सीट से चुनाव लड़ाया। श्री यादव चौथे नम्बर पर रहे। डा. संतोष सिंह 1में इस सीट से चुनाव जीते थे। लेकिन इसके बाद उन्हें टिकट ही नहीं मिला। आजमगढ़ में भूमिहार वोट बैंक को देखते हुए पूर्व अध्यक्ष सलमान खुर्शीद युवा नेता सुनील राय को भी लेकर आए थे। श्री राय भी आजमगढ़ में अपनी जमीन तैयार कर रहे हैं।ड्ढr खलीलाबाद सीट पर भी कांग्रेस के पास पाने के लिए कुछ नहीं है। कृष्ण चन्द्र पांडे कांग्रेस से सांसद रह चुके हैं। लेकिन 1े लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के कृष्ण चन्द्र पाण्डे चौथे नम्बर पर रहे थे। इसी तरह डा. चन्द्रशेखर त्रिपाठी भी कांग्रेस के सांसद रह चुके हैं। लेकिन पिछले दो दशक से इस सीट पर भी कांग्रेस का बुरा हाल रहा। कांग्रेस नेताआें का कहना है कि बेहतर बजट की उपलब्धि के नाम पर पार्टी द्वारा मनाई जा रही खुशी के बीच ही यूपी में यह चुनाव आ धमके हैं। पार्टी ने इस बजट को जन जन तक पहुँचाने का निर्णय लिया है। इसके लिए बड़ी संख्या में होर्डिग लगाए गए हैं। अब कांग्रेस नेता भी मानते हैं कि लोकसभा उपचुनाव में थोड़ी-सी भी लापरवाही पार्टी को पूरे देश में परेशानी में खड़ा कर सकती है। वैसे भी बजट से खीझे विपक्ष को मौके की तलाश है।ड्ढr यही वजह है कि इस बार कांग्रेस पुराने चेहरों पर दाँव नहीं लगाना चाहती। कांग्रेस चाहती है कि इन सीटों पर बाहर के किसी चर्चित चेहरे को चुनाव लड़ाया जाए। 1में यह प्रयोग कांग्रेस कर चुकी है। रामनरेश यादव के जनता पार्टी से मुख्यमंत्री बनने के बाद आजमगढ़ में लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव हुए। बाराबंकी की मोहसिना किदवई यहाँ से भारी वोटों से जीती थीं। अब कांग्रेस ऐसा ही प्रयोग आजमगढ़ और खलीलाबाद में करना चाहती है। कांग्रेस का मानना है कि स्टार उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारने से कम से कम वोटों का प्रतिशत बढ़ेगा जो बजट की चमक को फीका होने से बचा लेगा।ं

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