DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दो नदी परियोजनाआें के लिए 188 करोड़ मंजूर

ेन्द्र ने बिहार की दो नदी परियोजनाओं बागमती और कमला के लिए 188 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। पिछले दिनों योजना आयोग ने इन परियोजनाओं के लिए स्वीकृति प्रदान की थी। इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद सूबे के आधे दर्जन जिलों को बाढ़ से मुक्ित मिलेगी।ड्ढr ड्ढr योजना आयोग ने 7रोड़ रुपए की बागमती योजना के पहले चरण के लिए 135 करोड़ और कमला नदी के लिए 52 करोड़ रुपए की दो अलग-अलग योजनाओं पर अपनी स्वीकृति प्रदान की थी। जल संसाधन विभाग से प्राप्त सूचना के अनुसार प्राप्त राशि से योजना के पहले चरण में तटबंध की ऊंचाई बढ़ाने व सुदृढ़ीकरण के कार्य होंगे। केन्द्र ने इन योजनाओं का कार्यान्वयन मार्च 2010 तक पूरा करने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है। योजना के पूरा होने के बाद सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी व दरभंगा जिले को बाढ़ से राहत मिलेगी। बागमती योजना के पहले चरण में 54 किलोमीटर तक तटबंधों को ऊंचा करने व उनका सुदृढ़ीकरण किया जाना है। बागमती योजना के पूरा होने के बाद सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर जिले को बागमती नदी की बाढ़ से पूरी तरह निजात मिल जाएगी। कमला नदी की बाढ़ से मधुबनी व दरभंगा जिले को सुरक्षा प्रदान करने पर 52.0रोड़ रुपए खर्च होंगे। सरकार के खिलाफ माले आंदोलन छेड़ेगीड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। भाकपा माले ने नीतीश सरकार के खिलाफ श्रृंखलाबद्ध आंदोलन छेड़ने का निर्णय किया है। माले के राज्य सचिव नंदकिशोर प्रसाद ने राज्य सरकार पर अंबानी एवं अमीरपरस्त होने और मुआवजा देने में जातीय भेदभाव करने का आरोप लगाया है। रविवार को संवाददाता सम्मेलन में श्री प्रसाद ने कहा कि भागवत झा आजाद के बाद नीतीश कुमार प्रदेश के दूसरे मुख्यमंत्री हैं जिन्हें जनविरोधी नीति के कारण जनता का सीधा विरोध झेलना पड़ा और पत्थर तक खानी पड़ी। लालू प्रसाद के बाद नीतीश कुमार सन् 74’ जनआंदोलन के दूसरे सपूत हैं जिन्होंने सत्ता मिलने पर जनता के ही खिलाफ काम किया और मात्र ढाई वर्ष में ही फेल होने का तमगा झेलना पड़ा। नीतीश सरकार की इसी गरीब-किसान-मजदूर विरोधी नीति की खिलाफत करते हुए माले ने 18 मार्च को सुशासन-विकास की खुल गई पोल, बोल गरीबों, हल्ला बोल के नारे के साथ जनसंघर्ष का एलान करने का निर्णय किया है।ड्ढr पूरे सूबे से गरीब-किसान-मजदूर 17 की शाम में ही पटना पहुंच जाएंगे और अपनी ताकत का अहसास कराएंगे। इस पोल खोल रैली को पार्टी के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, महाराष्ट्र की लाल निशान पार्टी के केन्द्रीय कमेटी के सदस्य उदय भट्ट एवं झारखंड के पार्टी नेता बहादुर उरांव मुख्य रूप से संबोधित करेंगे। श्री प्रसाद ने कहा कि इस शासन में अपराध की संख्या में पिछले शासन की तुलना में थोड़ी कमी आयी है पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्याएं काफी बढ़ गई हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: दो नदी परियोजनाआें के लिए 188 करोड़ मंजूर