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रांची की बेटियां कर रहीं कमाल

बेटियां बोझ नहीं होतीं। यह झारखंड की बेटियों ने साबित कर दिखाया है। कइयों ने ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिससे रांची ही नहीं झारखंड का भी नाम पूरी दुनिया में रौशन हुआ है। डोरंडा निवासी प्रेमचंद विजय की पुत्री और नेमिचंद विजय की पौत्री निशा विजय ने बी फार्मा की परीक्षा में प्रथम स्थान हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जो आने वाली युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रेत का काम करेगा। निशा को इस उपलब्धि के लिए मणिपाल कॉलेज ऑफ फार्मास्यूटिकल्स साइंसेज में आयोजित समारोह में बी फार्मा से जुड़े सभी विषयों में बेहतर प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत भी किया जा चुका है। वर्तमान में निशा यूएसए के मिसौरी विश्वविद्यालय में कैंसर विषय पर शोध कर रही हैं।ड्ढr वहीं दूसरी आेर निशा की बहन प्रिया विजय कत्थक नृत्य में पारंगत है। वह अभी तक देश के लगभग 40 स्थानों में अपनी कला का जौहर दिखा चुकी हैं। वर्ष 2004 में गिरिडीह कॉलेज और बोकारो कला केंद्र में आयोजित यूथ फेस्टिवल में प्रिया ने प्रथम स्थान हासिल किया था। वर्ष 2004 में एनएसएस द्वारा कोलकाता में आयोजित नेशनल इंटीग्रेशन कैंप में विनोबा भावे विवि का प्रतिनिधित्व भी किया। उसने प्रयाग संगीत समिति इलाहाबाद से कत्थक नृत्य पर स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की है। साथ ही बोकारो संगीत कला अकादमी से छह वषरे का संगीत विशारद कोर्स भी किया है। प्रिया का कहना है कि नृत्य सिर्फ मनोरंजन का साधन ही नहीं भारतीय संस्कृति को जीवंत भी बनाता है। अभी वह पीके राय कॉलेज धनबाद में स्नातकोत्तर मनोविज्ञान की अंतिम वर्ष की छात्रा है।ं

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