अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

केंद्रीय पैटर्न के इतर सचिवालय सेवा का गठन स्वीकार्य नहीं : संघ

झारखंड सचिवालय सेवा संघ ने 25 मार्च तक सचिवालय सेवा का गठन नहीं होने पर 26 को सामूहिक अवकाश पर रहने के फैसले को दुहराया है। संघ कार्यकारिणी की रविवार को हुई बैठक में केंद्रीय सचिवालय के अनुरूप सेवा का गठन करने की मांग की गयी। यह भी कहा गया कि अगर सामूहिक अवकाश के बाद भी मांगों की पूर्ति नहीं हुई, तो संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अख्तियार करेगा।ड्ढr बैठक में जानकारी दी गयी कि राजस्व पर्षद के सदस्य ने सरकार को जो प्रतिवेदन दिया है, उसमें केंद्रीय सचिवालय में प्रोन्नति हेतु निर्धारित मापदंड से भिन्न प्रतिवेदन दिया है। संघ ने इसका घोर विरोध किया। कहा गया कि केंद्रीय तर्ज के विपरीत संघ कोई फामरूला स्वीकार नहीं करेगा। बैठक में सहायक संयुक्त संवर्ग के जिन कर्मियों का एसीपी देय है, उन्हें अविलंब देने और चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के आंदोलन का नैतिक समर्थन किया गया। साथ ही सरकार से अनुरोध किया गया कि वह चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के साथ वार्ता कर उनके साथ सम्मानजनक समझौता करे। हड़ताल समाप्त कराये। अन्यथा संघ चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की ता*++++++++++++++++++++++++++++र्*क मांगों के समर्थन में बाध्य होकर आंदोलन को बाध्य होगा। इसके अलावा भविष्य में होनेवाले आंदोलनों के लिए संघ द्वारा कई उप समितियों का भी गठन किया गया।ड्ढr हलधर भारती की अध्यक्षता में हुई बैठक में डीएन चौधरी, सदन प्रसाद, ध्रुव प्रसाद, राजीव रंजन तिवारी, बाबूजी सोरेन, अरविंद कुमार, क्रुसधारी तिग्गा, ब्रह्मदेव मोदी, मितरंजु कुमार, राम प्रकाश मंडल, राजाराम सोरेन, पद्मानंद कुमार, उमेश कुमार सिन्हा, संतोष कुमार चौबे और अन्य उपस्थित थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: केंद्रीय पैटर्न के इतर सचिवालय सेवा का गठन स्वीकार्य नहीं : संघ