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एटमी करार पर मिले, फिर मिलेंगे

सरकार और वाम दलों के बीच एटमी करार पर समन्वय समिति की बैठक का नतीजा सिर्फ यह निकला कि अगले महीने फिर इस मसले पर वार्ता होगी। 45 मिनट चली बैठक में गतिरोध बना रहा। विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने वाम नेताओं को उस अंतिम मसौदे के बारे में मौखिक जानकारी दी जो अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) से चार माह तक चली वार्ता प्रकिया के बाद तैयार हुआ है। भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि वाम नेताओं को प्रस्तावित सेफगार्ड एग्रीमेंट का मसौदा दिखाया नहीं गया। तर्क दिया गया कि चूंकि यह आंतरिक वार्ता से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों का दस्तावेज है, इसलिए इसे दिखाया नहीं जा सकता। सरकार के इस रुख से वाम दलों को कुछ झटका लगा है। वाम नेताओं को यह समझाने की भरपूर कोशिश की गई कि उनकी चिंताएं हल कर ली गई हैं। समन्वय समिति की सोमवार की बैठक से लगता है कि संभवत: वाम दल अमेरिकी कांग्रेस का मौजूदा कार्यकाल खत्म होने तक करार की प्रकिया उलझाए रखने में कामयाब हो जाएंगे। माकपा महासचिव प्रकाश करात ने बैठक के बाद ‘हिंदुस्तान’ से कहा ‘आईएईए में पांच माह चली वार्ता के प्रकिया के नतीजों को सरकार यूपीए - वाम समिति के सामने रखेगी। इन पर समिति में बहस होगी और इसके बाद यह परिणाम निकलेगा कि करार पर आईएईए वार्ता प्रकिया का निचोड़ क्या है।’ यह पूछे जाने पर कि इस प्रकिया में कितना वक्त लगेगा, करात ने कहा कि सरकार ने आईएईए में पांच महीने लगा दिए तो समिति को भी वार्ता क्रम के परिणामों का विस्तृत अध्ययन के लिए तीन माह का वक्त तो लगेगा ही।

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