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ज्येष्ठता परिणामी लाभ देने के आदेश जारी

मुख्यमंत्री मायावती द्वारा पिछले दिनों दिए गए निर्देशों के क्रम में प्रमुख सचिव नियुक्ित एवं कार्मिक जेएस दीपक ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक ज्येष्ठता (तृतीय संशोधन) नियमावली-2007 के तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अफसरों और कर्मियों को ज्येष्ठता परिणामी लाभ (प्रोन्नति में आरक्षण) देने के आदेश जारी कर दिए हैं।ड्ढr प्रमुख सचिव ने सभी विभागों के प्रमुख सचिवों, सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे 31 मार्च तक नए आदेश के क्रम में अपनी-अपनी ग्रेडेशन लिस्टों को संशोधित कर कार्मिक विभाग को भेज दें। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि नई ग्रेडेशन लिस्ट बनाए बिना चयन के लिए विभागीय प्रोन्नति कमेटी की बैठकें न की जाएँ। उल्लेखनीय है कि इस मामले में पहले शासनादेश हो गया था लेकिन कुछ लोग इस प्रावधान के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में प्रोन्नति में आरक्षण पर रोक तो नहीं लगाई थी, लेकिन याचिका कर्ताओं की वरिष्ठता प्रभावित नहीं होने देने की बात भी कही थी। इस पर मामला सर्वोच्च न्यायालय गया।ड्ढr सर्वोच्च न्यायालय ने हाईकोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया और रिट याचिकाओं को दो माह में निस्तारित करने के आदेश दिए। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के मद्देनजर कार्मिक विभाग ने नए आदेश जारी किए हैं। दूसरी ओर यूपी पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष केबी राम और कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने यूपी पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक को लिखे पत्र में शासन के नए आदेशों के क्रम में ऊर्जा निगमों में इसका तत्काल क्रियान्वयन कराने की माँग की है।

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  • Web Title: ज्येष्ठता परिणामी लाभ देने के आदेश जारी