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आर्थिक पिछड़ों के लिए आयोग

ेंद्र सरकार ने अब तक कोटा की परिधि से बाहर रहे आर्थिक दृष्टि के कमजोर वर्ग को आरक्षण सुविधा देने के लिए आयोग का गठन कर दिया है। आयोग में अध्यक्ष, एक सदस्य और सदस्य सचिव हैं। यह जानकारी समाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री सुब्बुलक्ष्मी जगदीशन ने राज्य सभा को एक सवाल के जवाब में दी।ड्ढr ड्ढr उन्होंने बताया कि आयोग आर्थिक दृष्टि से कमजोर लोगों को आरक्षण देने के मुद्दे पर राज्य सरकारों और केंद्र शासित राज्यों की राय माँगेगा। आयोग आर्थिक दृष्टि से कमजोर तबके की पहचान के आधार तय करने, उनके लिए कल्याण के उपाय सुझाने, शिक्षा और नौकरी के क्षेत्र में आरक्षण की सीमा तय करनेका काम करेगा। सुब्बुलक्ष्मी ने बताया कि इसके अलावा आयोग अपनी सिफारिशों को लागू कराने के लिए आवश्यक संवैधानिक, वैधानिक और प्रशासनिक सुधार के भी सुझाव देगा।ड्ढr ड्ढr एक अन्य सवाल के जवाब में सुब्बुलक्ष्मी ने बताया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के युवाओं की रोजगार की अपेक्षाओं को पूरा कराने को औद्योगिक और अन्य संगठनों से बातचीत के लिए मंत्री समूह का गठन किया गया है। बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में एक समन्वय समिति का भी गठन किया गया है। कमेटी ने सर्वोच्च औद्योगिक संगठनों और संस्थाओं से बातचीत भी की है।

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  • Web Title: आर्थिक पिछड़ों के लिए आयोग