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आंगनबाड़ी केन्द्रों में अब भी सुधार की गुंजाइश

विधानसभा में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बैंकों और आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति पर सदन में वाद-विवाद होगा। दो घंटे की चर्चा में सही बात सामने आयेगी। हालांकि इसके पूर्व सूबे की आंगनबाड़ी केन्द्रों में जारी अनियमितता को लेकर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी एवं पूर्व मंत्री राजद के जगदानंद के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। विधानसभा में राजद के राजेश सिंह के तारांकित प्रश्न पर बोलते हुए जगदानन्द ने स्वीकार किया कि उनकी सरकार के समय भी आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति ठीक नहीं थी पर वर्तमान सरकार में भी स्थिति सुधरी नहीं है।ड्ढr ड्ढr उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने इसपर जबरदस्त आपति जतायी और कहा कि पिछले शासन काल की तुलना में वर्तमान शासन में आंगनबाड़ी केन्द्रों में 1000 गुणा सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि इन केन्द्रों में सब कुछ ठीक हो गया है ऐसी बात वे भी नहीं कह रहे हैं। अब भी सुधार की गुंजाइश है। इस पर जगदानन्द ने कहा कि सूबे की बात छोड़िये, कल्याण मंत्री रामेश्वर पासवान के क्षेत्र में ही आंगनबाड़ी केन्द्रों की जांच करा लीजिए, सच्चाई सामने आ जाएगी। राजद के रामचन्द्न पूर्वे ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों से लाभान्वित हो रहे बच्चों की गुणवत्ता की जांच हो ताकि इन केन्द्रों में कितना सही काम हो रहा वह सामने आये।ड्ढr ड्ढr लोजपा के महेश्वर सिंह ने कहा कि जब भी आंगनबाड़ी केन्द्र की बात सामने आती है, मंत्री को बचाने के लिए मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री को सदन में जवाब देना पड़ता है। हालांकि कल्याण मंत्री रामेश्वर पासवान ने विपक्ष के हमलों का प्रतिकार करते हुए कहा कि पिछले शासनकाल में तो ये केन्द्र चलते भी नहीं थे। इसके पूर्व तारांकित प्रश्न के माध्यम से राजद के राजेश सिंह ने आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र धनहा के 80 फीसदी आंगनबाड़ी केन्द्र केवल कागज पर ही चल रहे हैं।

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