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27 फरवरी, 2020|8:23|IST

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फुलवारीशरीफ जेल में बंद शिक्षक अनशन पर

अनौपचारिक शिक्षकों की गिरफ्तारी का मामला तूल पकड़ने लगा है। कई संगठनों ने गिरफ्तार नेताआें को रिहा करने की मांग की है। मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री के आवास पर प्रदर्शन कर रहे शिक्षाकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ गिरफ्तार दसों शिक्षाकर्मी अनशन पर रहे।ड्ढr ड्ढr बिहार राज्य अनौपचारिक शिक्षा कर्मचारी संघ (गोप गुट) के कोषाध्यक्ष महेंद्र दूबे ने कहा कि शिक्षा मंत्री द्वारा वार्ता के लिए बुलवाकर पुलिस द्वारा पिटवाने और गिरफ्तार करने की अमानुषिक कार्रवाई की गयी है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार कर्मचारियों की रिहाई तक हमारा धरना जारी रहेगा। सरकार की इस कार्रवाई को शर्मनाक करार देते हुए उन्होंने कहा कि राज्यभर के सभी अनौपचारिक शिक्षाकर्मी 26 मार्च को विधानमंडल के समक्ष होने वाले विशाल प्रदर्शन में भाग लेकर सरकार की पोल खोलेंगे।ड्ढr ड्ढr महासंघ के पटना जिला शाखा के अध्यक्ष सुरेश प्रसाद सिंह व जिला सचिव शिवपूजन सिंह ने गिरफ्तार नेताआें को रिहा करने की मांग की है। बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षाकर्मी संयुक्त मोर्चा के संयोजक प्रदीप राय ने कहा कि सरकार के इस तानाशाहीपूर्ण रवैये को लेकर सभी प्राथमिक शिक्षक संघ के सदस्य 26 मार्च को प्रस्तावित प्रदर्शन में भाग लेंगे। बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ (गोप गुट) के राज्य सचिव सत्येंद्र कुमार ने कि अगर शिक्षाकर्मियों की रिहाई व उनसे वार्ता कर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो राज्यभर के चार लाख शिक्षाकर्मी उनके समर्थन में आंदोलन करने को बाध्य हो जाएंगे। बिहार राज्य चतुर्थवर्गीय सरकारी कर्मचारी संघ के महासचिव रामनारायण राय व संयुक्त मंत्री सिेश्वर सिंह ने कहा कि शिक्षा मंत्री द्वारा शिक्षाकर्मियों की समस्याआें का समाधान न करके गिरफ्तारी व पिटाई की घटना फिर से इमरजेंसी के आगमन की सूचना दे रही है। बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) के महासचिव रामबली प्रसाद व बिहार राज्य सिंचाई विभाग कर्मचारी यूनियन के महासचिव रामसेवक सिंह ने भी शिक्षकों की रिहाई की मांग की है।

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