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26 फरवरी, 2020|8:34|IST

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आय से अधिक संपत्ति केस में लालू को झटका

पटना उच्च न्यायालय ने रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव तथा उनकी पत्नी राबड़ी देवी को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बरी करने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली बिहार सरकार की याचिका को गुरुवार को सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया। न्यायमूर्ति आरके दत्ता ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली राय सरकार की याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करने के साथ ही अधीनस्थ न्यायालय से इस मामले से संबंधित रिकार्ड तलब किया है। पटना उच्च न्यायालय ने पिछले माह 18 फरवरी को इस मामले पर सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान राय सरकार की आेर से उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह ने दलील दी थी कि लालू यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी को बरी करने का निचली अदालत का फैसला केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के साक्ष्यों के आधार पर नहीं बल्कि आयकर अपीलीय न्यायाधीकरण के पूर्व में दिए आदेश पर ही आधारित है। इससे पूर्व यादव और राबड़ी देवी की आेर से पूर्व केन्द्रीय कानून मंत्री और उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने बहस करते हुए कहा था कि आयकर अपीलीय न्यायाधीकरण के फैसले के आधार पर सुनाया गया आदेश कानून सम्मत है।ड्ढr उल्लेखनीय है कि बहुचर्चित पशुपालन घोटाले की जांच के दौरान पाए गए साक्ष्यों के आधार पर सीबीआई ने लालू-राबड़ी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आरोप पत्र दाखिल किया था। इस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने 18 दिसम्बर 2006 को राजद अध्यक्ष एवं राबड़ी देवी को दोष मुक्त करार दिया था। राय सरकार ने इस फैसले के खिलाफ पिछले वर्ष 16 फरवरी को उच्च न्यायालय में एक अपील दायर की थी।

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  • Web Title: आय से अधिक संपत्ति केस में लालू को झटका