DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

लालू-राबड़ी को कोर्ट से झटका

पटना हाईकोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में सी.बी.आई. अदालत द्वारा लालू-राबड़ी को बरी किए जाने के खिलाफ दायर राज्य सरकार की अपील को सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया है। इसके बाद अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिक गयी हैं।ड्ढr ड्ढr सुप्रीम कोर्ट में लालू प्रसाद और सीबीआई की इसी मामले को लेकर याचिकायें लम्बित हैं जिन पर नौ मई को सुनवाई की सम्भावना है।अब चूंकि पटना हाई कोर्ट में विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार की अपील विचारार्थ स्वीकार हो गयी है, इसलिए रेल मंत्री का प्रयास सुप्रीम कोर्ट में लम्बित याचिका को यथाशीघ्र सुनवाई के लिये सूचीब कराना होगा। न्यायमूर्ति रमेश कुमार दत्ता की एकल पीठ ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाया। इसके साथ ही अदालत ने सी.बी.आई. कोर्ट से संबंधित रिकार्ड भी तलब किया है। अपने 45 पृष्ठ के फैसले में न्यायमूर्ति श्री दत्ता ने राज्य सरकार और सी.बी.आई. तथा लालू-राबड़ी की आेर से पेश किए गए दलीलों की विस्तार से चर्चा की है। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि ट्रायल के दौरान बचाव पक्ष ने 84 गवाहों की गवाहियां कराई थी लेकिन सी.बी.आई. जज ने अपने फैसले में उसका कोई उल्लेख नहीं किया। आयकर अपीलीयन्यायाधिकरण के फैसले को आधार बनाकर लालू-राबड़ी को बरी करने का निर्णय दिया गया। अदालत ने कहा कि इस मामले पर विस्तार से सुनवाई करने की जरूरत है, इसीलिए अपील को मंजूर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया है।ड्ढr ड्ढr सी.बी.आई. कोर्ट में दिए गये गवाही को देखकर ही यह कहा जा सकता है कि बरी करने संबंधी आदेश सही है या गलत। उल्लेखनीय है कि आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में सी.बी.आई. के तत्कालीन जज मुनीलाल पासवान ने गत 18 दिसंबर 2006 को रेल मंत्री एवं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद तथा उनकी पत्नी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को बरी कर दिया था। इसके खिलाफ जब सी.बी.आई. ने निर्धारित समय सीमा के भीतर अपील दायर नहीं किया तो राज्य सरकार ने पहल करते हुए स्वयं अपील दायर कर दिया। सी.बी.आई. की आेर से सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता गोपाल सुब्रह्मण्यम तथा लालू-राबड़ी की आेर से देश के जाने-माने वकील राम जेठमलानी ने हाईकोर्ट में दलील पेश कर कहा कि राज्य सरकार की आेर से दायर अपील सुनवाई के योग्य नहीं है। लेकिन अदालत ने उनके दलीलों को नहीं माना और अपील को सुनवाई के योग्य ठहराया। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की आेर से सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह और विशेष लोक अभियोजक अखिलेश्वर प्रसाद सिंह ने दलील देकर कहा कि सी.बी.आई. कोर्ट का फैसला सही नहीं है। जबकि लालू-राबड़ी की आेर से श्री जेठमलानी का तर्क था कि फैसला पूरी तरह सही है। अब इस मामले पर विस्तृत सुनवाई के बाद ही यह तय हो पाएगा कि सी.बी.आई. जज मुनीलाल पासवान का फैसला सही था या गलत। लालू नहीं मनाएंगे कुर्ता फाड़ होलीड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। रेल मंत्री और राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद इस बार कुर्ताफाड़ होली नहीं खेलेंगे। कुर्ताफाड़ होली में भाग-दौड़ होती है और कोई कहीं गिर भी जाता है। इसमें किसी का सिर भी फूट सकता है। लिहाजा उन्होंने तय किया है कि इस बार उनकी होली सामान्य होगी। श्री प्रसाद गुरुवार को संवाददाताआें से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि होली के मौके पर बड़े पैमाने पर लोग दूर-दराजसे लौटकर अपने परिवार के पास आते हैं। वे भी संसद का काम खत्म होते ही अपने लोगों के बीच होली मनाने आ गए हैं। दूर-दराज से अपने घर लौटने वालों के लिए उन्होंने विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है। उन्होंने देशवासियों को रेलवे परिवार की आेर से होली की शुभकामनाएं भी दी।ड्ढr डीए केस के मामले में उच्च न्यायालय के निर्णय को लेकर जद यू नेता शिवानंद तिवारी के बयान पर श्री प्रसाद ने कहा कि तिवारीजी एमपी हो गए न। अब होली मनाएं और खूब भांग-धतूरा खायें। इस मामले में कानून अपना काम करेगा और उन्हें कुछ नहीं कहना है। इससे उनकी होली खराब नहीं हुई है। लालकृष्ण आडवाणी की आत्मकथा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अभी उन्होंने यह किताब नहीं पढ़ी है।ड्ढr ड्ढr उन्होंने कहा कि हर बार होली के मौके पर उनके नाम से कुछ न कुछ आता है। इस बार भी पिचकारी उनके नाम से बिक रही है। इससे बिक्री बढ़ जाती है। इसमें कुछ भी खराब नहीं है। होली राष्ट्रीय त्योहार है और इसे तमाम मतभेदों को भुलाकर मनाना चाहिए। राज्य सभा चुनाव के मुतल्लिक उन्होंने कहा कि यूपीए के दोनों उम्मीदवार चुनाव जीतने जा रहे हैं। मणिपुर की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश को तोड़ने वाली ताकतें सक्रिय हैं और ऐसी ताकतों को मिल-जुलकर कुचला जाएगा। श्री प्रसाद ने कहा कि जब भी राज्य सरकार कहीं फेल होती है तो उसका ठीकरा रेलवे के माथे पर फोड़ा जाता है। लोगों ने बयान दे दिया कि रेलवे अलकतरा के लिए रेक नहीं देती है। यह पूरी तरह गलत है। रेलवे हमेशा रेक देती है लेकिन आईआेसी लोडिंग और अनलोडिंग में बहुत समय लेती है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अखबारों में इसके बारे में पढ़ा तो उन्होंने राज्य के पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, विभाग के प्रधान सचिव राजकुमार सिंह और आईआेसी के अधिकारियों से बात की। उनसे कहा कि आप लोडिंग और अनलोडिंग ठीक कराइये और रेक मांगिए। रेलवे इसके लिए हमेशा तैयार है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: लालू-राबड़ी को कोर्ट से झटका