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पेयजल निदेशक झा को सीआरएस दिया सरकार न

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में एचआरडी और आइआइसीसीएमयू के निदेशक रहे इंद्र नारायण झा को सरकार ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति (सीआरएस) दे दी है। उन्हें निविदा से पहले कार्य आबंटित करने, नियम की अनदेखी कर कर्मचारियों को प्रोन्नति देने सहित कई आरोपों में दोषी पाया गया। इस संबंध में विभाग के अवर सचिव अनिल कुमार राय ने 18 मार्च 2008 को संकल्प जारी कर दिया। यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।ड्ढr श्री झा पर जमशेदपुर अंचल में पदस्थापित रहते वक्त उन्होंने नौ मई 2007 को वर्ग तीन और चार के कर्मचारियों को नियम के विपरीत प्रोन्नति देने का आरोप था। सरायकेला प्रमंडल में पदस्थापित रहने के दौरान राज्य एवं केंद्र प्रायोजित योजना के तहत नलकूप निर्माण के लिए निविदा से पहले ही नामांकन के आधार पर संवेदकों को कार्य आबंटित करने का आरोप था। दोनों में विभागीय कार्रवाईयों में अलग-अलग जांच संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन में उन्हें दोषी करार दिया गया। उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया। प्रतिवेदन की प्रति भी उपलब्ध करायी गयी। संकल्प के मुताबिक श्री झा ने आरोपों का खंडन नहीं किया। इसमें कहा गया है कि उनका सरकारी कार्यकलाप, कार्यक्षमता एवं कार्य आचरण संतोषजनक नहीं रहा। निंदन, वेतनवृद्धि की रोक आदि की सजा भी दी गयी। इसके बाद भी अपेक्षित सुधार नहीं पाया गया।ड्ढr कार्रवाई में प्रमाणित आरोपों के समेकित विचार के उपरांत सरकार ने उन्हें दोषी मानते हुए अनिवार्य सेवानिवृत्ति का वृहत दंड देने का निर्णय लिया है।े

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