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इ-ऑक्शन से सीसीएल को रिकार्ड 266 करोड़ का लाभ

चालू वित्तीय वर्ष 2007-08 में सीसीएल को इ-बुकिंग और स्पॉट इ-ऑक्शन से रिकार्ड 266 करोड़ का लाभ हुआ है। इस माध्यम से कंपनी ने 5.44 मिलियन टन कोयला एवं उत्पाद की बिक्री की। इसमें रॉ कोल एवं वाशरी प्रोडक्ट भी शामिल हैं। रॉ कोल की बिक्री से कंपनी को करीब 25रोड़ एवं वाशरी प्रोडक्ट से सात करोड़ का लाभ हुआ। इस माध्यम से सीसीएल ने उपभोक्ताआें को 5.65 मिलियन टन कोयला बेचने का ऑफर किया था। हालांकि मात्र 5.20 एमटी के लिए ही बीड हुई। वाशरी प्रोडक्ट में भी 1.0मिलियन टन का ऑफर किया गया था। हालांकि बीड हुई मात्र 0.24 मिलियन टन की। इस बर्ष बाजार में सीसीएल के कोयले की अच्छी मांग थी। इसकी वजह से कंपनी को इतना लाभ हुआ। कोयला एवं उसके उत्पाद बेचने के लिए शुरू में कोल इंडिया ने इ-ऑक्शन योजना शुरू की थी। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई थी। कोर्ट के निर्देश के आलोक में इसे बंद कर इ-बुकिंग शुरू की गयी। इस वर्ष यह योजना अप्रैल से अक्तूबर 07 तक चली। फिर नवंबर से स्पॉट इ-ऑक्शन शुरू की गयी। इ-बुकिंग में कोयले की बिक्री 30 प्रतिशत अधिक मूल्य पर बेचने की बाध्यता थी। इ-ऑक्शन में खरीद के लिए ग्राहक बोली लगाते हैं। अधिकारियों के मुताबिक इ-ऑक्शन योजना बीच में ब्रेक नहीं होने पर लाभ में और बढ़ोत्तरी हो सकती थी।

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