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बड़ा अस्पताल है एक दिन में सुधार संभव नही

एमसीआइ की तीन सदस्यीय टीम ने 20 मार्च को रिम्स का निरीक्षण पूरा कर लिया। निरीक्षण की पूरी रिपोर्ट तैयार करने के बाद टीम देर शाम वापसहो गयी। गुरुवार को दूसरे पहर टीम ने अस्पताल के कागजात का निरीक्षण किया और रिपोर्ट तैयार की। तीन सदस्यीय टीम में दिल्ली की डॉ मालती मेहरा,डॉ मधुर यादव एवं पटना पीएमसीएच की डॉ सुषमा पांडेय शामिल थीं।ड्ढr अस्पताल के प्रशासनिक विभाग, सभी वार्ड एवं विभाग के अलावा कॉलेज के विभागों का भी निरीक्षण एमसीआइ के तीनों सदस्यों ने किया। इसके अलावा पूर्व में दिये गये निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा भी टीम ने किया। निरीक्षण के बाद टीम के सदस्यों ने नवनियुक्त चिकित्सकों से मिल कर उनकी नियुक्ित से संबंधित कागजात की जांच की।ड्ढr निरीक्षण के बाद दल के सदस्यों ने कहा कि अस्पताल पूरी तरह तो सुधरा नहीं है, लेकिन यहां सुधार के लक्षण जरूर दिख रहे हैं। पूर्व के निर्देशों के अनुपालन की कोशिश की जा रही है। सकारात्मक प्रयास के तहत यहां कार्य किया जा रहा है। यह बहुत अच्छी और उत्साहवर्धक बात है। यह काफी बड़ा अस्पताल है। सैकड़ों रोगी यहां प्रतिदिन आते हैं। इसे एकाएक पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता।ड्ढr इससे पूर्व टीम ने ओरमांझी स्थित रिम्स के ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। टीम ने चिकित्सकों से आवश्यक जानकारी भी ली। दूसरे पहर में टीम के सदस्य सभी जूनियर और नवनियुक्त चिकित्सकों से मिले और सभी के घोषणा पत्र और नियुक्ित संबंधी कागजात का निरीक्षण किया। इससे पूर्व टीम के सदस्यों ने अनुपालन रिपोर्ट और इससे संबंधित कागजात के अलावा अस्पताल की जरूरत और उसके आलोक में हुई खरीदारी के कागजात भी देखे तथा जांच-पड़ताल की। इसके बाद टीम सदस्यों ने अस्पताल के इमरजेंसी और यहां हो रहे निर्माण कार्यो का निरीक्षण भी किया। नर्सो के साथ टीम के सदस्यों में वार्डो में जाकर उनकी क्षमता की जानकारी ली। साथ ही मंत्री कार्यालय, रिम्स कार्यालय, पुस्तकालय, छात्र शाखा आदि का निरीक्षण किया गया। ं

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