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पंकुरी बरवाडीह : लोगों ने उठाया ‘इक्वीनोक्स’ के सूयर्ोदय का आनंद

शहर से तकरीबन 17 किमी दूर बड़कागांव-हजारीबाग मार्ग स्थित पंकुरी बरवाडीह और वहां ‘वी’ आकार की अति प्राचीन सभ्यता की निशानी के पास अहले सुबह से ही लोग जुटने लगे। सूयर्ोदय के आधा घंटा पूर्व तक प्रोफेसर, अधिकारी, मेगालिथ खोजकर्ता और स्कूली बच्चों के साथ आसपास गांवों के ग्रामीणों का हुजूम 20 मार्च को लग गया।ड्ढr घड़ी की सुइयों के खिसकने के साथ लोगों की धड़कनें भी बढ़ रही थीं। बीस मार्च को ‘प्रिसिशन ऑफ इक्वीनोक्स’ के अवलोकन का वक्त आ गया। सुबह 5.5पर सैकड़ों जोड़ी आंखे खूबसूरत पल को निहारने में रम गयीं।स्थल के खोजकर्ता सह इंटेक व इंडियन आ*++++++++++++++++++++++++++++र्*योलॉजिकल सोसाइटी के आजीवन सदस्य शुभाशीष दास ने उक्त स्थल के महत्व से लोगों को परिचित कराया। वहीं बताया कि किस प्रकार पृथ्वी की घूर्णन गति की रफ्तार कम होने से ‘प्रिसिशन ऑफ इक्वीनोक्स’ (महाविषुभ) एक दिन पूर्व ही अब बीस मार्च को कम से कम अगले 25 वर्ष तक देखा जा सकेगा। वहीं 21 मार्च से सूर्य उत्तरायन होना प्रारंभ हो जायेगा। उन्होंने बताया कि अब दिल्ली के जंतर-मंतर में भी इक्वीनोक्स की खगोलीय घटना को दिखाया गया। उन्होंने बताया कि आदिवासियों की आस्था और उन्नत खगोलीय गणित का इससे अच्छा खूबसूरत स्थल और कहीं नहीं है।

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  • Web Title: पंकुरी बरवाडीह : लोगों ने उठाया ‘इक्वीनोक्स’ के सूयर्ोदय का आनंद