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आगे घोरोड़ाई है

हम है खेवैया, नैया हम ही पारोगाएँगेड्ढr इधर जनादेश ईवीएम में स्टोर हुआ और उधर अगाी सरकार का सीन-दर-सीन जोड़ने की जुगत शुरू हो गई है।ोगभग सभी दाों का एक ही डायाॉग है- ‘ािना हमारे सरकार नहींोनेगी..सरकार हम हीोनाएँगे।’ दोोड़ी धुरी कांग्रेस और भाजपा ने नए दोस्तों की तााश में हाथ-पाँव मारने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस की नजरोसपा पर गई तो इससे नाराज सपा ने मुँह फुााोिया है।ोोक जनशक्ित पार्टी के रामविाास पासवान का कह रहे हैं कि चौथे मोर्चे का एकमात्र मकसद भाजपा को विपक्ष में देखना है। भाजपा भी पीछे क्यों रहे? वह तीसरे मोर्चे में शामिा दाों को रिझाने की कोशिश में है। उसकी नजर अपने पुराने सहयोगी तेाुगू देशम पार्टी पर है। तीसरा मोर्चा भीोाँहें चढ़ा रहा है। मोर्चे ने 18 मई को सभी गैर भाजपा- गैर कांग्रेस समर्थक दाों की ौठकोुााई है ोकिन टीआरएस को उसके हाा पर छोड़ दिया है। ऐसे हात में शायद पहाीोार हो रहा है कि जीत-हार का फैसाा आने के पहो ही साकी निगाहें आ राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिा के भावी कदम पर टिक गई हैं। खंडित जनादेश की सूरत में राष्ट्रपति को अपने विवेक का इस्तेमाा करने में कठिन अग्नि परीक्षा से गुजरना होगा।ड्ढr कांग्रेस और संप्रग: सरकार गठन पर कांग्रेस के गुणाभाग के केन्द्र में एगिट पो के आँकड़े हैं। देखा जा रहा है कि नएोोगों के यूपीए में आने पर पुराने सहयोगी छिटक न जाएँ।ोुधवार शाम प्रधानमंत्री निवास पर कांग्रेस के कोर ग्रुप की ौठक हुई। इसमें ताजा स्थिति, संभावित परिणामों और सरकार गठन की संभावनाओं परोातचीत हुई। ौठक में मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रणव मुखर्जी, एके एंटनी और अहमद पटेा थे। पार्टी की उम्मीदें तीसर मोर्चे से जुड़े दाों और खासकर वाम दाों पर टिकी हैं। कांग्रेस को आस है कि वह सासेोड़े दा के तौर पर सरकारोनाने केोिए सत्ता की स्वाभाविक दावेदारोनेगी। कांग्रेस को ऐसा भरोसा है कि एकोार सरकारोनाने केोिए निमंत्रण मिाा तो वहोहुमत का जुगाड़ कर ोगी। और अगर यह रणनीति मुकाम तक नहीं भी पहुँची तो अपमत सरकार चााने का वह अपना 13 साा पुराना अनुभव आजमाएगी।ड्ढr कांग्रेस नेोसपा की मदद ोने से भी इनकार नहीं किया है। दिग्विजय सिंह के अनुसार एचडी कुमारस्वामी और कांग्रेस अध्यक्ष की मुााकात से साफ है कि सत्ता का ऊँट किधर करवट ोने वा है। दिग्गी राजा ने सपा पर भी चोट कर दी है। सपा की इस शर्त पर कि वह केवा उसी दा को समर्थन देगी जो यूपी कीोसपा सरकार कोोर्खास्त करेगा, दिग्विजय ने कहा कि निर्वाचित सरकार कोोर्खास्त करने का सवाा ही नहीं उठता। तमिानाडु मं डीएमके अध्यक्ष एम करुणानिधि को भी यकीन है कि केन्द्र मं संयुक्त प्रगतिशीा गठांधन की सरकार हीोनगी। दूसरी ओर, महाराष्ट्र में राकांपा प्रमुख शरद पवार का कहना है कि कांग्रस न आखिरकार यह मानोिया है कि वामदा धर्मनिरपक्ष खम का हिस्सा हैं। पवार इसे वाम और कांग्रेस को फिर जोड़ने की अपनी कवायद का सुफाोता रहे हैं। चौथे मोर्चे का हाा: उधर, सपा महासचिव अमर सिंह कीोातों सेोग रहा है कि आ वह कांग्रेस केोुाावे के इंतजार में हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस समेत किसी भी दा से गठांधन पर उनकीोात नहीं हुई है। जा तक कांग्रेस सपा से गठांधन केोारे में औपचारिक घोषणा नहीं करती, वह कुछ नहींोोोंगे। उन्होंने कहा कि वह तीसर मोर्चे में नहीं जाएँगे क्योंकि उसमें मायावती हैं।ोोजपा अध्यक्ष रामविाास पासवान का कहना है किोू -मुाायम के साथ उनका चौथा मोर्चा राजग को सत्ता में आने से रोकेगा। उनके अनुसार तीसरे मोर्चे में काफी विरोधाभास है। जहाँ मायावती हैं, वहाँ मुाायम नहीं जा सकते और जहाँ जयाािता हैं, वहाँ करुणानिधि नहीं जाएँगे।ड्ढr भाजपा और एनडीए: इन साकेोीच भाजपा मान रही है कि वही सासेोड़ी पार्टीोनकर उभर रही है। उसे चिंता है तो इसोात की कि राष्ट्रपति सासेोड़े दा के रूप में उभरने केोाद उसेोुााती हैं या नहीं। इसी मसो पर राजनाथ सिंह नेोकृष्ण आडवाणी और वेंकैया नायडू से चर्चा की। राजनाथ ने कहा कि एनडीए सरकारोनानोायकोहुमत हासिा करोगा या थोड़ा ही कम रहगा। एस में अन्य दा हमें समर्थन देंग। भाजपा की 16 मई की शाम का ही ौठक है। पार्टी के दिग्गज नए दोस्तों की तााश में जुट गए हैं। भाजपा भी मान रही है कि तीसरा मार्चा टूटगा क्यांकि उसका न ता काई एजंडा है और न ही काई नता है।ड्ढr हाँकिोिहार में नीतीश कुमार ने तो साफ किया है कि वह एनडीए के साथ हैं ोकिन भाजपा महाराष्ट्र में शिवसेना से सतर्क है। शिवसेना नेता मनोहर जोशी ने साफ कहा है कि अगर भाजपा को कम सीटें मिाती हैं तो पीएम पद केोिए राकांपा सुप्रीमो शरद पवार को शिवसेना समर्थन दे सकती है। जोशी के इसोयान पर भाजपा ने चुप्पी साधोी है। ोकिन राकांपा का कहना है कि प्रधानमंत्री की कुर्सी पर ौठने केोिए पवार खुद सक्षम हैं, उन्हें शिवसेना की जरूरत नहीं है। आंध्र प्रदेश में चंद्राू नायडू पर भी भाजपा की निगाहें हैं। फिाहाा वह तीसरे मोर्चे के साथ हैं और किसी हाा में केन्द्र में कांग्रेस सरकार नहीं चाहते। इसोात से उत्साहित भाजपा देर-सोर उनका समर्थन पाने की उम्मीद सँजो रही है।ड्ढr तीसरा मोर्चा:ोड़े दा तो सहयोगी तााश रहे हैं, ोकिन तीसरे मोर्चे का क्या कहना? तीसरे मोर्चे को तो सरकारोनाने केोिए राष्ट्रपति के न्योते का इंतजार है। भाकपा महासचिव एाीोर्धन का तो यही कहना है। उन्होंने यह भी कहा है कि तीसरा मोर्चा राष्ट्रपति से एकोार सेवा का मौका माँगेगा।ोर्धन, माकपा महासचिव प्रकाश करात और फारवर्डोॉक के देवव्रत विश्वास नेोुधवार कोोातचीत की।ोर्धन न कहा है कि तीसरा मार्चा कांग्रस का समर्थन नहीं देगा। प्रकाश करात नेोताया है कि 18 मई कोोसपा समेत सभी गैर कांग्रेसी और गैर भाजपाई दाों की ौठकोुााई गई है। इसमें टीआरएस को नहींोुााया गया है। उधर, जनता दा- एस मुखिया एचडी देवगौड़ा ने कहा है कि उन्हें तीसरे मोर्चे में ही गिना जाए। कुमारस्वामी और सोनिया की मुााकात का यह मताा कतई नहीं है कि तीसरे मोर्चे में दरार पड़ गई है। उनके अनुसार इसोार तीसरा मोर्चा ही सत्ता की नैया का खेवैयाोनेगा। फिाहाा वामदाों की ौठकों का टाइम टेाा इस प्रकार है : वाम दाों की पहाी ौठक 17 मई का। माकपा पााित यूरा की ौठक 18 मई और भाकपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की ौठक 1मई का हागी। फारवर्डोाक और आरएसपी की ौठकें भी इसीोीच होंगी।ड्ढr दूसरी ओर, चेन्नै में एआईएडीएमके महासचिव जयाािता फिाहाा न्योतेोटोर रही हैं। अम्मा को कई प्रस्ताव मिा हैंोकिन वह अगाा कदम नतीजों के हिसाा से उठाएँगी।ोर्धन को यकीन है कि जयाािता उनसेोात किएोिना किसी ‘रो या ऑफर’ पर विचार नहीं करेंगी।

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