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रंगों के त्योहार पर रंगों की इज्जत बढ़ी

भारत के मशहूर और विवादास्पद चित्रकार मकबूल फिदा हुसैन एक बार फिर सुर्खियों में हैं। समकालीन दक्षिणी एशियाई व भारतीय कलाकृतियों की एक नीलामी के दौरान उनकी पेंटिंग ‘बैटल ऑफ गंगा एंड जमुना : महाभारत’ 16 लाख डॉलर (साढ़े छह करोड़ रुपये) में बिकी, जो किसी भी भारतीय चित्रकार के लिए विश्व रिकार्ड है। लेकिन विवादों ने यहां भी उनका साथ नहीं छोड़ा। कुछ संगठनों ने नीलामी संस्था क्रिस्टीज से हुसैन की कलाकृतियों को नीलामी से बाहर करने की मांग कर विवाद खड़ा कर दिया। क्रिस्टीज द्वारा इनकार किए जाने पर इन संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। न्यूयॉर्क के मशहूर नीलामी घर ‘क्रिस्टीज’ में गुरुवार को हुसैन द्वारा 1में बनाई गई यह पेंटिंग 16 लाख डॉलर में खरीदी गई। हालांकि हुसैन को इस ऐतिहासिक पेंटिंग को आठ लाख डॉलर तक की कीमत में नीलाम होने की उम्मीद थी, जबकि नीलामी संस्था ने इस पेंटिंग की अनुमानित कीमत छह लाख डालर आंकी थी। नीलामी में अधिकतम बोली लगा कर इस कलाकृति को खरीइने वाले व्यक्ित ने अपना नाम सार्वजनिक नहीं किया। हुसैन ने इस पेंटिंग में प्राचीन भारतीय महाकाव्य ‘महाभारत’ के एक दृश्य को प्रस्तुत किया है, जिसमें अच्छाई और बुराई के बीच संघर्ष को दिखलाया गया है। हुसैन की एक अन्य पेंटिंग को 2.05 लाख डालर की कीमत मिली। इस पेंटिंग में मदर टेरेसा का चित्रण किया गया है। लेकिन यह सब कुछ निर्विवाद नहीं रहा। एक आेर जहां भारत के बुजुर्ग चित्रकार की कलाकृतियां कीमतों के नए कीर्तिमान बना रही थीं, वहीं एक भारतीय अमेरिकी समूह गुरुवार को क्रिस्टीज के मुख्यालय के बाहर यहां हुसैन की कलाकृतियों को नीलामी में शामिल किए जाने के विरोध में शोर-शराबा कर अपना विरोध जता रहा था। इंडियन अमेरिकन इंटेलेक्चुअल फोरम के समर्थकों का आरोप है कि हुसैन ने हिंदू देवी-देवताआें का आपत्तिजनक और अभद्र चित्रण किया है। इसी आधार पर इस फोरम के समर्थकों ने नीलामी संस्था क्रिस्टीज से हुसैन की कलाकृतियों को नीलामी से हटाने की मांग की थी। हिंदू जनजागृति समिति भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल थी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हुसैन की पेंटिंग को नीलामी में शामिल करना दुनियाभर में फैले एक अरब हिंदुआें का अपमान है। लेकिन क्रि स्टीज ने हुसैन की पेंटिंग को नीलामी से बाहर करने से इनकार कर दिया था। क्रिस्टीज के प्रवक्ता सारा फाक्स ने कहा कि कला और संस्कृति धार्मिक व जातीय प्रतीकों की बहुविध व्याख्याएं और पुनव्र्याख्याएं करती हैं और यह काफी हद तक व्यक्ितगत अभिव्यक्ित होती है। लेकिन अमेरिकन इंटेलेक्चुअल फोरम व हिंदू जनजागृति समिति के समर्थक इससे सहमत नहीं थे। उन्होंने क्रिस्टीज मुख्यालय के सामने एकत्र हो जम कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने ‘हुसैन की पेंटिंग हिंदुआें के खिलाफ नफरत फैलाती हैं’, ‘हुसैन तुम शर्म करो’ जैसे नारों वाली तख्तियां ले रखी थीं। यह विरोध प्रदर्शन करीब दो घंटे तक जारी रहा। अंत में प्रदर्शनकारियों ने क्रिस्टीज को एक ज्ञापन भी सौंपा।

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