सालों पहले से निगाह में थे गिलानी - सालों पहले से निगाह में थे गिलानी DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सालों पहले से निगाह में थे गिलानी

वाकया वर्ष 2005 में किसी वक्त का है। रावलपिंडी की कचहरी की पिछली बेंचों पर बठे आसिफ अली जरदारी चिल्ला कर बोले, ‘आप जिस आदमी को सजा दे रहे हैं, वह एक रोज पाकिस्तान का राष्ट्रपति बनेगा।’ जज ने सैयद युसूफ रजा गिलानी को 1े दौरान नेशनल असेंबली का स्पीकर रहते हुए सचिवालय में नियुक्ितयों में अनियमितता का दोषी ठहराया था। उस वक्त खुद जरदारी इसी अदालत में भ्रष्टाचार के आरोपों में मुकदमे का सामना कर रहे थे। तीन साल बाद मरहूम बेनजीर भुट्टो के पति ने कथनी को करनी में बदलते हुए मुलतान से नेशनल असेंबली के लिए चुने गए मृदुभाषी और संजीदा नेता गिलानी को देश को 25वें प्रधानमंत्री के आेहदे पर आसीन करने का फैसला सुनाया। एक के बाद एक सैनिक तानाशाहों द्वारा धूल धूसरित देश के संविधान के अपने मूल रूप में आते ही राष्ट्रपति के अधिकार नए प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली संघीय कैबिनेट को हस्तांतरित हो जाएंगे। बेनजीर ने नवाज शरीफ के साथ मिलकर लोकतंत्र के जिस घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर किए थे, उसका मूल सूत्र राष्ट्रपति के सरकार को बर्खास्त करने समेत उनके निरंकुश अधिकारों को नेस्तनाबूत करना था। इस बीच गिलानी को गठबंधन सरकार के प्रधानमंत्री के तौर पर देश की कमान सौंपे जाने की घोषणा के साथ ही उनके ताजपोशी समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं। नामांकन पत्र भरने के बाद गिलानी ने कहा कि वह देश में संसद को सवर्ोच्च शक्ित के रूप में स्थापित करने को प्रतिबद्ध हैं। लेकिन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ से कैसे पेश आया जाएगा, इस बारे में वह चुप्पी साध गए। मुशर्रफ ने प्रधानमंत्री के चुनाव के लिए नेशनल असेंबली का विशेष सत्र 24 मार्च को बुलाया है। इसी दिन सदन में प्रधानमंत्री का चुनाव होगा और 25 मार्च को निर्वाचित प्रधानमंत्री को ऐवान ए सद्र में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करने वालों की सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिसमें राष्ट्रपति, चारों प्रांतों के गवर्नर, पाक अधिकृत कश्मीर के प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, अटार्नी जनरल, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, राजदूत, वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग शामिल होंगे। नए प्रधानमंत्री को 60 दिनों के भीतर नेशनल असेंबली का विश्वास मत हासिल करना होगा।ड्ढr इस बीच गिलानी ने कहा कि भावी प्रधानमंत्री के तौर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह करना उनके लिए बड़ी चुनौती होगा और वह अवाम की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि वह मुशर्रफ के साथ मिलकर काम करेंगे अथवा उन्हें पद छोड़ने को कहेंगे तो उन्होंने कहा, ‘मैं संविधान का पालन करूंगा। पार्टी ने मुझमें विश्वास जताया है और पार्टी ही यह निर्णय लेगी कि मुझे कितने समय तक सेवाकरनी है।’

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: सालों पहले से निगाह में थे गिलानी