DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आईपीएल से युवाओं को मिलेगी प्रेरणा : पवार

ये क्रिकेट के शिखर पर पहुंचने का ही कमाल है कि आईपीएल में खेलने के लिए भारतीय वनडे कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी की बोली छह करोड़ रुपए में लगाई गई। वहीं दूसरी ओर दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष को वो भी वक्त याद है जब उनके ससुर को एक टेस्ट मैच में खेलने के लिए पांच रुपए मिलते थे। बीसीसीआई के अध्यक्ष शरद पवार क्रिकेट खिलाड़ियों को मिलने वाली राशि पर आजकल छिड़ी बहस का मजा लेते हैं। बेशक इसका श्रेय उनके हिस्से ही आया है जिनके कार्यकाल में आईपीएल का उद्भव हुआ जिसने कई खिलाड़ियों की किस्मत ही बदल डाली। हालांकि उनका कहना है कि क्रिकेट में इतनी राशि के आने से युवाओं का भविष्य खराब नहीं होगा बल्कि और क्रिकेटरों को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘क्रिकेट में इतना पैसा आने से उनके करियर को स्थायित्व मिलेगा और उन्हें और बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी।’ पवार ने एक खास इंटरव्यू में कहा कि उनके ससुर, सदाशिव गणपतराव शिंदे, जिन्हें साधु शिंदे के नाम से भी जाना जाता है, ने भारत की ओर से सात टेस्ट खेले थे। उन्होंने 1में दिल्ली में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में करियर का बेस्ट प्रदर्शन करते हुए पारी में छह विकेट लिए थे। उस वक्त खिलाड़ियों को एक टेस्ट के लिए पांच रुपए दिए जाते थे, भारत से बाहर जहाज से जाते थे और उन्हें थ्री स्टार या फिर स्कूल होटल में ठहराया जाता था। पवार ने बताया कि इंग्लैंड दौरे के बाद वे वापस आए और सीधे मैच खेलने मुंबई के शिवाजी स्टेडियम पहुंच गए जहां 40 से भी ज्यादा डिग्री तापमान में खेले। ज्यादा गर्मी लगने के कारण 31 साल की कम उम्र में ही उनका निधन हो गया। उनके परिवार में चार बेटियां थीं। आर्थिक मदद के लिए उनके कप्तान विजय मर्चेट ने बेनिफिट मैच कराके 10 हजार रुपए जमा किए जिनमें से आधा उनकी बेटियों की पढ़ाई और शादी पर खर्च हो गया। उन बातों को याद करके आज पवार को खुशी है कि इशांत शर्मा जैसे युवा खिलाड़ी को आज 3.8 करोड़ रुपए मिल रहे हैं। पवार ने कहा, ‘आज इशांीअ के साथ ही प्रवीण या फिर मनोज तिवारी जैसे खिलाड़ियों को अच्छे पैसे मिल रहे हैं। प्रवीण गरीब परिवार से है, उसे भी दिल्ली की टीम के लिए 1.8 करोड़ रुपए मिले हैं। हमें पैसे मिल रहे हैं लेकिन वे कई चीजों पर लग रहे हैं। खुशी की बात है कि क्रिकेट के अच्छे भविष्य के लिए चीजें बदल गई हैं। बोर्ड की पहल से पूर्व खिलाड़ियों के लिए पेंशन फंड भी होगा और क्रिकेटरों को चिंता करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।’ पवार ने कहा कि बोर्ड अब रिटायर्ड खिलाड़ियों के बारे में भी गंभीर है। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा, ‘हमने रिटायर्ड खिलाड़ियों के मेडिकल बिल का जिम्मा भी लेने का फैसला किया है। कैंसर जैसी बीमारी से पीड़ित पूर्व कप्तान पॉली उमरीगर जैसे खिलाड़ियों का साल का मेडिकल बिल का खर्चा पांच लाख रुपए था। उनके लिए ये संभव नहीं था, बोर्ड ने खर्चा उठाया।’ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: आईपीएल से युवाओं को मिलेगी प्रेरणा : पवार