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भारत के रुख से चीन संतुष्ट

चीन ने रविवार को दावा किया कि तिब्बत मामले में भारत अपनी पुरानी नीति पर कायम है और इसमें आगे भी वह कोई फेरबदल नहीं करेगा। चीन तिब्बत के धर्मगुरु और निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रमुख दलाई लामा के पक्ष में अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव की स्पीकर नैंसी पेलोसी के खड़े होने से चिंतित है। उसने तिब्बत में प्रदर्शनकारियों के दमन के लिए भारी संख्या मंे अपनी लाल सेना को तैनात करते हुए यह आरोप भी लगाया कि दलाई लामा तिब्बतियों को उकसा रहे हैं। हालांकि दलाई लामा ने बीजिंग आेलंपिक का समर्थन किया है। उधर, तिब्बत की स्थानीय सरकार ने ल्हासा में पिछले सप्ताह से जारी चीन विरोधी दंगों में एक पुलिसकर्मी और 1नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि की है। उधर, धर्मशाला में निर्वासित तिब्बत सरकार ने 100 तिब्बतियों के मारे जाने का दावा किया है। भारत ने तिब्बत पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि तिब्बत चीन का आंतरिक मामला है। चीनी विदेशमंत्री किन गैंग ने कहा कि इससे चीन आश्वस्त हुआ है कि भारत का तिब्बत पर कदम ‘स्पष्ट और अनुकूल’ है। नई दिल्ली ने यह भी स्पष्ट किया है कि उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की दलाईलामा से मिलने का कोई कार्यक्रम नहीं है, इस बारे में चल रही बातें कोरी अफवाह हैं। चीन पिछले दो दशकों, जब से उसने कब्जा किया, तिब्बत में भारी प्रतिरोध झेल रहा है और 10 मार्च से इसकी राजधानी ल्हासा में भड़की हिंसा ने कम्युनिस्ट देश के नेतृत्व को बुरी तरह हिला रखा है। तिब्बतियों के आंदोलन और चीन द्वारा उसके दमन से 2008 में होनेवाले बीजिंग आेलंपिक पर भी आशंका के बादल घिर आए हैं। तिब्बती आंदोलनकारियों ने निर्वासित सरकार से इसका बहिष्कार करने की घोषणा की मांग की है लेकिन दलाईलामा ने नई दिल्ली में रविवार को कहा कि आेलंपिक अपने समय पर होगा। उन्होंने कहा ‘ मैंने चीन में होनेवाले आेलंपिक खेलों का हमेशा समर्थन किया है।’ उन्होंने चीन की कम्युनिस्ट सरकार के इस आरोप को बेबुनियाद बताया कि वह अगस्त में होनेवाले इन खेलों को बिगाड़ने में लगे हैं। चीन ने निर्वासित तिब्बती सरकार के इस दावे, कि हिंसा में 100 से भी यादा नागरिक मारे गए हैं, को खारिज करते हुए कहा है कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इन दंगों में 13 लोगों की जानें गई हैं। सरकार के एक बयान के हवाले से संवाद समिति शिन्हुआ ने बताया है कि ल्हासा में इन दंगों में 241 पुलिस अधिकारी मामूली रूप से और 23 गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि एक अधिकारी मारा गया है। ल्हासा के जन सुरक्षा ब्यूरो ने वांछित नागरिकांे की सूची और 21 संदिग्धों की तस्वीरें इंटरनेट पर डाली है।

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